भारतीय फुटबॉल फैंस के लिए इंडियन सुपर लीग यानी ISL से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। 2026-27 और 2027-28 सीजन के प्रसारण और लाइव स्ट्रीमिंग अधिकार सोनी और गूगल को मिलने जा रहे हैं। इंडियन सुपर लीग की संचालन परिषद ने दोनों कंपनियों के साथ समझौते को मंजूरी दे दी है। हालांकि, अंतिम कागजी प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है।
मौजूदा जानकारी के मुताबिक, सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क को भारतीय उपमहाद्वीप के लिए सैटेलाइट टीवी प्रसारण अधिकार मिलने वाले हैं। भारत में मुकाबलों का प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ-साथ सोनीलिव पर भी किया जाएगा। वहीं, गूगल अपने वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब के जरिए भारत समेत दुनिया भर में इंडियन सुपर लीग के मुकाबलों की लाइव स्ट्रीमिंग करेगा।
इस समझौते की सबसे खास बात यह है कि ISL के क्लबों को पहली बार दर्शकों से जुड़ा विस्तृत प्रसारण और डिजिटल डेटा उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें कुल दर्शक पहुंच के अलावा अलग-अलग राज्यों में मुकाबलों की पहुंच की जानकारी भी शामिल होगी। इससे क्लबों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किस क्षेत्र में उनके मुकाबलों को कितना देखा जा रहा है और उनके दर्शकों का आधार किस तरह विकसित हो रहा है।
सोनी के लिए भी यह करार भारतीय फुटबॉल प्रसारण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास पहले से कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं के प्रसारण अधिकार हैं। इनमें यूईएफए चैंपियंस लीग, यूरोपा लीग, कॉन्फ्रेंस लीग और नेशंस लीग जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी के पास डूरंड कप के प्रसारण अधिकार भी हैं।
दूसरी तरफ गूगल भी यूट्यूब के माध्यम से खेलों की लाइव स्ट्रीमिंग को बढ़ाने पर काम कर रहा है। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में यूट्यूब पर खेल आयोजनों की लाइव कवरेज बढ़ी है। भारत में भी प्लेटफॉर्म पर कई घरेलू खेल प्रतियोगिताओं की स्ट्रीमिंग की जा चुकी है। ऐसे में ISL के मुकाबलों की वैश्विक डिजिटल पहुंच भारतीय फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकती है।
अब नजर 2026-27 सीजन पर है। इस सीजन की शुरुआत 10 अक्टूबर से होने की जानकारी है और प्रतियोगिता मई 2027 तक चलेगी। इस बार कुल 13 क्लब हिस्सा लेंगे। इनमें ईस्ट बंगाल, मोहन बागान सुपर जायंट, बेंगलुरु एफसी, केरला ब्लास्टर्स, एफसी गोवा, मुंबई सिटी एफसी, नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, ओडिशा एफसी, पंजाब एफसी, इंटर काशी, चेन्नईयिन एफसी, चर्चिल ब्रदर्स और स्पोर्टिंग क्लब दिल्ली शामिल हैं।
इस सीजन में कुल 163 मुकाबले खेले जाने हैं। पिछली बार के छोटे प्रारूप के बाद ISL एक बार फिर होम और अवे प्रारूप में लौट रहा है। लीग चरण में टीमें एक-दूसरे के खिलाफ दो मुकाबले खेलेंगी। अंक तालिका में सबसे ऊपर रहने वाली टीम को शील्ड विजेता का खिताब मिलेगा।
इसके बाद शीर्ष छह टीमें प्लेऑफ में पहुंचेंगी और ISL कप के लिए मुकाबला करेंगी। इस सीजन में किसी टीम को निचली श्रेणी में नहीं भेजा जाएगा। वहीं, जमशेदपुर एफसी के प्रतियोगिता से हटने के बाद उसकी खेल संबंधी अनुमति चर्चिल ब्रदर्स को मिली है।
ISL के नए क्लब आधारित ढांचे के तहत कई व्यावसायिक समझौते भी किए गए हैं। ईए स्पोर्ट्स के साथ चार साल का लाइसेंस समझौता, स्पोर्टरडार के साथ करीब 57 करोड़ रुपये का चार साल का करार और निविया स्पोर्ट्स के साथ दो साल का समझौता शामिल है। इसके अलावा एमजी मोटर्स के साथ करीब 25 करोड़ रुपये का मुख्य प्रायोजक करार भी बताया गया है।
इन सभी बदलावों के बीच सोनी और गूगल के साथ प्रस्तावित प्रसारण समझौता ISL की डिजिटल और टेलीविजन पहुंच को नए तरीके से आकार दे सकता है। खासकर यूट्यूब पर दुनिया भर में लाइव मुकाबले उपलब्ध होने से भारतीय फुटबॉल को भारत के बाहर रहने वाले दर्शकों तक पहुंचाने का एक नया माध्यम मिलेगा।
अब देखना यह होगा कि 10 अक्टूबर से शुरू होने वाले नए सीजन में प्रसारण का यह नया मॉडल दर्शकों के अनुभव और क्लबों की डिजिटल पहुंच को किस तरह प्रभावित करता है। फिलहाल भारतीय फुटबॉल प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है कि ISL के मुकाबले टीवी के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक स्तर पर उपलब्ध होने जा रहे हैं।


