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प्रशांत महासागर में ‘नोलो’ का कहर, 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से श्रेणी-3 का भीषण चक्रवात

शनिवार को प्रशांत महासागर में हवाई के मुख्य द्वीपों से काफी दूर सक्रिय चक्रवात ‘नोलो’ अचानक और ज्यादा ताकतवर हो गया। तेज हवाओं के साथ नोलो ने श्रेणी-3 के भीषण चक्रवात का रूप ले लिया है। इसकी हवा की रफ्तार 185 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच चुकी है, जिससे समुद्र में ऊंची और खतरनाक लहरें उठने की आशंका बढ़ गई है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, नोलो इस समय हवाई के आबादी वाले मुख्य द्वीपों से काफी दूर है। इसलिए फिलहाल किसी आबादी वाले द्वीप के लिए सीधा खतरा नहीं बताया गया है। हालांकि, चक्रवात की ताकत बढ़ने के साथ समुद्री परिस्थितियां बेहद खतरनाक हो सकती हैं और निचले इलाकों में स्थित कुछ द्वीपों पर ऊंची लहरों का असर देखने को मिल सकता है।

नोलो की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। बताया गया है कि यह तूफान मारो रीफ से लगभग 335 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है और करीब 28 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसकी दिशा और ताकत में आगे क्या बदलाव आता है, इस पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है।

नोलो के श्रेणी-3 में पहुंचने का मतलब है कि यह एक बेहद शक्तिशाली तूफान बन चुका है। 185 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं पेड़-पौधों, कमजोर ढांचों और समुद्री गतिविधियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। हालांकि इस समय इसकी स्थिति आबादी वाले इलाकों से दूर होने के कारण तत्काल बड़े नुकसान की आशंका नहीं जताई गई है।

मौसम केंद्र ने समुद्र में उठने वाली खतरनाक लहरों को लेकर भी चेतावनी दी है। चक्रवात की ताकत बढ़ने पर समुद्र की स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। खासकर निचले इलाकों में मौजूद छोटे द्वीपों पर ऊंची लहरों का असर देखने को मिल सकता है।

इसी बीच प्रशांत महासागर में एक और चक्रवात ‘रेचेल’ भी सक्रिय है। हालांकि रेचेल फिलहाल श्रेणी-1 का चक्रवात है और यह मेक्सिको के पश्चिमी तट से दूर पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मेक्सिको के पश्चिमी-मध्य तट और बाजा कैलिफोर्निया प्रायद्वीप के आसपास समुद्री लहरें खतरनाक हो सकती हैं।

मौसम विशेषज्ञों की नजर अब दोनों तूफानों की गतिविधियों पर बनी हुई है। खासतौर पर नोलो की दिशा और उसकी रफ्तार में होने वाला बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल राहत की बात यह है कि आबादी वाले हवाई द्वीपों पर नोलो का सीधा खतरा नहीं बताया गया है।

हालांकि समुद्र में मौजूद इस शक्तिशाली चक्रवात को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। आने वाले समय में नोलो कमजोर पड़ता है या और ज्यादा ताकतवर होता है, यह मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

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