आपके किचन में इस्तेमाल होने वाले मसाले अब सरकारी जांच के घेरे में हैं! महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने मसालों की बिक्री और पैकेजिंग से जुड़े नियम सख्त कर दिए हैं। अब मसाला कारोबारियों को पाउडर और मिक्स मसाले सही तरीके से पैक करके और सील लगाकर बेचने के निर्देश दिए गए हैं। इतना ही नहीं, मसालों को स्टरलाइज करने के लिए इस्तेमाल होने वाले इथिलीन ऑक्साइड पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन आखिर इस रसायन को लेकर चिंता क्यों जताई जाती है और नए नियमों का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? आइए जानते हैं पूरी खबर।
महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मसालों के उत्पादन, पैकेजिंग और बिक्री से जुड़े नियमों को सख्त करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य मसालों में मिलावट पर रोक लगाना और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मानकों का पालन सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत मसाला कारोबारियों को मसालों के पाउडर और मिक्स मसालों को उचित तरीके से पैक करके और सील बंद अवस्था में बेचने के निर्देश दिए गए हैं। यानी खुले में रखकर मसालों की बिक्री करने वाले कारोबारियों को इन निर्देशों के मुताबिक अपनी व्यवस्था में बदलाव करना पड़ सकता है।
इस फैसले का असर मसाला निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा दुकानदारों पर पड़ सकता है। कारोबारियों को पैकेजिंग और सीलिंग से जुड़े नियमों का पालन करना होगा, ताकि उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखी जा सके।
इस पूरे मामले में दूसरा महत्वपूर्ण कदम इथिलीन ऑक्साइड के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इथिलीन ऑक्साइड एक रासायनिक पदार्थ है, जिसका इस्तेमाल कुछ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थों और अन्य सामग्रियों को स्टरलाइज करने के लिए किया जाता रहा है।
हालांकि, खाद्य पदार्थों में इथिलीन ऑक्साइड के अवशेष स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय हो सकते हैं। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा के नियमों के तहत इसके इस्तेमाल और अवशेषों को लेकर सख्त निगरानी जरूरी मानी जाती है।
महाराष्ट्र FDA की ओर से मसालों को स्टरलाइज करने के लिए इस रसायन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की जानकारी सामने आई है। इसका उद्देश्य मसालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य उत्पाद उपलब्ध कराना है।
आम लोगों के लिए भी इस फैसले के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मसाले खरीदते समय पैकेट की सील, निर्माण और समाप्ति की तारीख, सामग्री की जानकारी और निर्माता का विवरण जरूर जांचें। खुले मसाले खरीदने के बजाय सही लेबलिंग और पैकेजिंग वाले उत्पादों को प्राथमिकता देना उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में बिकने वाले सभी खुले मसाले या सभी ब्रांड के उत्पाद असुरक्षित हैं। किसी उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा का निर्धारण जांच और लागू खाद्य सुरक्षा मानकों के आधार पर ही किया जाना चाहिए।
फिलहाल, महाराष्ट्र FDA के इस कदम से मसाला कारोबार में पैकेजिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर बढ़ने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों को लागू करने के लिए आगे क्या कार्रवाई की जाती है और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों के खिलाफ किस तरह के कदम उठाए जाते हैं।


