दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ही को-पायलट ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। विमान में 170 से अधिक लोग सवार थे और अचानक हुई इस घटना ने सभी की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी और ऐसा कदम उठाया, जिससे कॉकपिट के अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने में मदद मिली। अब कैप्टन ने एक साक्षात्कार में उस खौफनाक घटना की आपबीती सुनाई है।
बताया गया है कि यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। बोइंग 737 विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था। शुरुआत में उड़ान सामान्य थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में हालात इतने खतरनाक हो जाएंगे। विमान में सवार यात्रियों को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि कॉकपिट के भीतर एक ऐसी घटना होने वाली है, जो सैकड़ों लोगों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
कैप्टन स्मित मच्छार ने स्काई न्यूज अरबिया को दिए साक्षात्कार में बताया कि उड़ान भरने के करीब दो घंटे बाद उनके को-पायलट हमाम अल हमामी ने नमाज पढ़ने की इच्छा जताई। बताया गया है कि को-पायलट ओमान का रहने वाला था। कैप्टन ने उसकी धार्मिक भावना का सम्मान करते हुए अपना ध्यान दूसरी तरफ कर लिया। इसके बाद वह अपनी सीट पर बैठकर कंप्यूटर पर विमान की लैंडिंग और ईंधन से संबंधित जानकारी देखने लगे। उस समय तक उड़ान सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी।
लेकिन इसी दौरान हालात ने अचानक खतरनाक मोड़ ले लिया। कैप्टन के मुताबिक, सामान्य उड़ान के बीच ऐसी घटना हुई, जिसने उनकी जिंदगी को खतरे में डाल दिया। उनके ही सहकर्मी की ओर से कथित हमले ने कॉकपिट की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। विमान हवा में था और ऐसे समय में पायलट की जिम्मेदारी केवल अपनी सुरक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि विमान में सवार सभी यात्रियों की जान बचाना भी सबसे बड़ी प्राथमिकता होती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने हिम्मत बनाए रखी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे अन्य लोगों को अंदर पहुंचने और कथित हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इस कदम ने स्थिति को संभालने में अहम भूमिका निभाई। विमान में मौजूद 170 से अधिक यात्रियों की सुरक्षा उस समय सबसे महत्वपूर्ण थी और कैप्टन ने गंभीर परिस्थितियों में भी अपना संयम बनाए रखने की कोशिश की।
इस घटना ने विमानन सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। विमान के कॉकपिट में पायलटों के बीच सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी और उड़ान के दौरान चालक दल की सुरक्षा जैसे मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। विमान में किसी भी प्रकार की हिंसक घटना यात्रियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और प्रशिक्षित चालक दल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।
कैप्टन स्मित मच्छार की आपबीती सामने आने के बाद इस घटना को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ गई है। हालांकि, घटना से संबंधित सभी परिस्थितियों और सुरक्षा प्रक्रियाओं के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना जरूरी है। फिलहाल, उपलब्ध विवरणों के आधार पर यह मामला विमानन सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर माना जा रहा है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि उड़ान के दौरान ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।


