भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और अंतिम टी20 मुकाबले में अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाते हुए 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 216 रन बना दिए। रायपुर में खेले जा रहे इस मुकाबले में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने नाबाद 91 रनों की विस्फोटक पारी खेलकर सभी का ध्यान खींच लिया। वहीं, सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने भी 69 रनों की शानदार पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए 217 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा है।
मुकाबले में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम प्रबंधन ने बल्लेबाजों को अधिक मौके देने के उद्देश्य से शेफाली वर्मा के साथ अनुष्का शर्मा को पारी की शुरुआत करने भेजा। दोनों बल्लेबाजों ने इस फैसले को सही साबित करते हुए तेज शुरुआत दिलाई। शेफाली और अनुष्का के बीच पहले विकेट के लिए 32 गेंदों में 54 रनों की साझेदारी हुई। अनुष्का शर्मा ने 20 गेंदों पर 28 रन बनाए, जिसमें चार चौके और एक छक्का शामिल रहा।
दूसरी तरफ शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया। उन्होंने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। शेफाली ने केवल 37 गेंदों में 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पांच छक्के शामिल रहे। यह इस श्रृंखला में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई और बड़े स्कोर की नींव तैयार की।
शेफाली के आउट होने के बाद हरमनप्रीत कौर ने पारी की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने क्रीज पर उतरते ही अपने आक्रामक इरादे जाहिर कर दिए। हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के खिलाफ लगातार बड़े शॉट लगाए और केवल 41 गेंदों में नाबाद 91 रन ठोक दिए। उनकी पारी में दस चौके और पांच छक्के शामिल रहे। उन्होंने महज 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और अंतिम ओवरों में भारतीय टीम की रन गति को काफी तेज कर दिया।
हरमनप्रीत की यह पारी इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि हाल के कुछ मुकाबलों में वह अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करती दिखाई दी थीं। इस बार उन्होंने खुलकर बल्लेबाजी की और गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। उनकी शानदार पारी की बदौलत भारत ने अंतिम पांच ओवरों में चार विकेट गंवाने के बावजूद 62 रन जोड़ लिए। हालांकि, इस दौरान भारतीय टीम के कुछ बल्लेबाज जल्दी आउट हुए, लेकिन हरमनप्रीत ने एक छोर संभाले रखा और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
जिम्बाब्वे की ओर से बीलव्ड बीजा सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने चार ओवर में 50 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। भारतीय टीम ने इस मुकाबले के लिए स्पिनर श्री चरणी को आराम दिया और उनकी जगह प्रेमा रावत को अंतिम एकादश में शामिल किया।
गौरतलब है कि भारतीय महिला टीम पहले दो मुकाबले जीतकर तीन मैचों की श्रृंखला में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर चुकी है। अब उसकी नजर तीसरा मुकाबला जीतकर श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने पर है। हरमनप्रीत कौर और शेफाली वर्मा की शानदार बल्लेबाजी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब देखना होगा कि जिम्बाब्वे की टीम 217 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय गेंदबाजों का किस तरह सामना करती है और क्या वह इस चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंच पाती है।


