कबड्डी प्रेमियों के लिए बड़ी खबर है। भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें उद्घाटन राष्ट्रमंडल कबड्डी चैंपियनशिप में अपने अभियान की शुरुआत जीत के इरादे से करने जा रही हैं। पुरुष टीम का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा, जबकि महिला टीम मलेशिया के खिलाफ मैदान में उतरेगी। यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक वीर सावरकर खेल परिसर में आयोजित की जाएगी। इसमें 13 देशों की 23 टीमें हिस्सा लेंगी और पुरुष तथा महिला वर्गों में कुल 62 मुकाबले खेले जाएंगे। घरेलू मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर प्रशंसकों की खास नजर रहने वाली है।
इस चैंपियनशिप का आयोजन भारतीय एमेच्योर कबड्डी महासंघ कर रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ की मंजूरी मिली है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और दूसरी टीमों के खिलाफ अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। टूर्नामेंट में पुरुष और महिला वर्गों के मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। दोनों वर्गों में टीमें खिताब जीतने के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी।
पुरुष वर्ग में कुल 13 टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। भारतीय टीम को समूह ए में जगह मिली है। इस समूह में भारत के अलावा नाइजीरिया, मलेशिया, युगांडा, इंग्लैंड, तंजानिया और श्रीलंका की टीमें शामिल हैं। वहीं, समूह बी में बांग्लादेश, केन्या, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड और सिंगापुर को रखा गया है। भारतीय पुरुष टीम की कप्तानी सुरजीत सिंह करेंगे, जबकि नवीन कुमार उपकप्तान की जिम्मेदारी संभालेंगे।
भारतीय पुरुष टीम को समूह चरण में छह मुकाबले खेलने हैं। अभियान की शुरुआत इंग्लैंड के खिलाफ होगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को भारत का सामना युगांडा से होगा। 25 अक्टूबर को भारतीय टीम मलेशिया के खिलाफ खेलेगी, जबकि 26 अक्टूबर को नाइजीरिया से भिड़ंत होगी। इसके बाद 27 अक्टूबर को तंजानिया और 29 अक्टूबर को श्रीलंका के खिलाफ मुकाबला निर्धारित है। लगातार होने वाले इन मैचों में भारतीय खिलाड़ियों को अपनी लय बनाए रखने और बेहतर तालमेल के साथ खेलने की जरूरत होगी।
महिला वर्ग में कुल 10 टीमों को दो समूहों में बांटा गया है। भारतीय महिला टीम समूह ए में शामिल है। इस समूह में भारत के साथ सिंगापुर, नाइजीरिया, युगांडा और मलेशिया की टीमें हैं। समूह बी में बांग्लादेश, केन्या, इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और श्रीलंका को जगह मिली है। भारतीय महिला टीम की कप्तानी निधि शर्मा करेंगी, जबकि रितु उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी।
भारतीय महिला टीम अपने अभियान की शुरुआत मलेशिया के खिलाफ करेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को सिंगापुर, 25 अक्टूबर को युगांडा और 26 अक्टूबर को नाइजीरिया से मुकाबला होगा। महिला वर्ग के समूह चरण के मैच 28 अक्टूबर तक पूरे हो जाएंगे। भारतीय खिलाड़ियों के सामने शुरुआती मुकाबलों में जीत हासिल करके सेमीफाइनल की राह आसान बनाने की चुनौती होगी।
प्रतियोगिता के निर्धारित प्रारूप के अनुसार, प्रत्येक टीम अपने समूह की बाकी सभी टीमों के खिलाफ एक-एक मुकाबला खेलेगी। दोनों समूहों में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। समूह ए में पहले स्थान पर रहने वाली टीम का मुकाबला समूह बी में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा। इसी तरह समूह बी की शीर्ष टीम समूह ए में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के खिलाफ खेलेगी।
चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मुकाबले 30 अक्टूबर को आयोजित किए जाएंगे, जबकि पुरुष और महिला वर्ग के फाइनल 31 अक्टूबर को खेले जाएंगे। ऐसे में सभी टीमों के पास शुरुआती दौर से ही अच्छा प्रदर्शन करके खिताब की दौड़ में बने रहने का मौका होगा।
भारतीय कबड्डी टीमों की मजबूत पहचान को देखते हुए प्रशंसकों को पुरुष और महिला, दोनों वर्गों में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। हालांकि, इंग्लैंड, मलेशिया और अन्य देशों की टीमें भी कड़ी चुनौती पेश कर सकती हैं। अब सबकी नजर भारतीय टीमों के शुरुआती मुकाबलों पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय खिलाड़ी जीत के साथ शुरुआत करके खिताब की ओर कितनी मजबूती से कदम बढ़ाते हैं।


