उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर बड़ा हमला बोला है। आगामी इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले राजभर ने गठबंधन को “असफल” बताते हुए कहा कि इसमें कोई वास्तविक ताकत नहीं है और यह क्षेत्रीय प्रभाव की कमी से जूझ रहा है।
एएनआई से बातचीत के दौरान राजभर ने कहा कि गठबंधन में शामिल दल अपने-अपने राज्यों में प्रभाव रखते हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर भी वे अपेक्षित राजनीतिक ताकत नहीं जुटा पा रहे हैं।
“ममता और कांग्रेस के पास यूपी में वोट नहीं”
राजभर ने कहा, “जो INDIA गठबंधन बनने जा रहा है, उसमें कोई दम नहीं है। ममता बनर्जी के पास उत्तर प्रदेश में वोट नहीं हैं, कांग्रेस के पास भी वोट नहीं हैं। गठबंधन में शामिल सभी दलों का अलग-अलग राज्यों में प्रभाव है, लेकिन जब वे एक साथ किसी दूसरे राज्य में चुनाव लड़ते हैं तो उनकी ताकत सीमित हो जाती है।”
उन्होंने दावा किया कि यही कारण है कि INDIA गठबंधन जनता के बीच मजबूत विकल्प के रूप में उभर नहीं पाया है।
सूत्रों के अनुसार, विपक्षी INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक 8 जून को नई दिल्ली में आयोजित होने वाली है। बैठक में कई प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि तृणमूल कांग्रेस प्रमुख Mamata Banerjee और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee भी इस बैठक में हिस्सा ले सकते हैं।
यह बैठक हाल ही में चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के बाद हो रही है, जिनके परिणामों को लेकर विपक्षी दल मंथन कर सकते हैं।
बंगाल में राजनीतिक माहौल गरम
इस बीच पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने अपने नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया है। कोलकाता में आयोजित प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी ने संविधान की प्रति हाथ में लेकर केंद्र और राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा।
टीएमसी का आरोप है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
विपक्षी एकता पर फिर उठे सवाल
राजभर के बयान ऐसे समय आए हैं जब विपक्षी दल 2029 की राजनीतिक रणनीति को लेकर एकजुटता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, विभिन्न राज्यों में दलों के अलग-अलग हित और राजनीतिक समीकरण विपक्षी गठबंधन के सामने चुनौती बने हुए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि INDIA गठबंधन की सफलता काफी हद तक क्षेत्रीय दलों और कांग्रेस के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करेगी। वहीं, सत्ताधारी गठबंधन लगातार विपक्षी एकता पर सवाल उठा रहा है।


