अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने अपनी आगामी किताब Communion में एक बेहद निजी और भावनात्मक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी Usha Vance ने चौथे बच्चे को जन्म देने का फैसला अपने करीबी मित्र और प्रसिद्ध अमेरिकी राजनीतिक कार्यकर्ता Charlie Kirk की हत्या के बाद बदला था।
किताब के अनुसार, जेडी वेंस कई वर्षों से अपने परिवार में एक और बच्चे के आने की इच्छा जता रहे थे, लेकिन उषा वेंस का मानना था कि तीन बच्चों के साथ उनका परिवार पूरी तरह संतुष्ट और संतुलित है। खासकर राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ती सक्रियता और सार्वजनिक जीवन के दबावों के कारण वह परिवार को और बड़ा करने के पक्ष में नहीं थीं।
हालांकि, वर्ष 2025 में चार्ली कर्क की मौत के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। वेंस ने लिखा है कि जब उनकी पत्नी उषा ने चार्ली कर्क की पत्नी एरिका कर्क को उनके पति की मृत्यु के बाद गले लगाया, तब दोनों के बीच हुई बातचीत ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
जेडी वेंस के मुताबिक, एरिका कर्क ने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि चार्ली और उनके केवल दो बच्चे थे। उन्होंने महसूस किया कि यदि उनके और बच्चे होते तो उनके पति की यादें और विरासत परिवार में और व्यापक रूप से जीवित रहतीं। यह बातचीत उषा वेंस के मन में गहराई तक उतर गई।
किताब में वेंस लिखते हैं कि अपने मित्र को अंतिम विदाई देने के कुछ समय बाद ही उषा का दृष्टिकोण बदलने लगा। उन्होंने परिवार को आगे बढ़ाने के विचार को नए नजरिए से देखा और अंततः चौथे बच्चे के लिए तैयार हो गईं। अब वेंस दंपति अपने चौथे बच्चे, एक बेटे, के जन्म की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
20 जनवरी को वेंस परिवार ने सार्वजनिक रूप से गर्भावस्था की घोषणा की थी और बताया था कि साल के अंत तक उनके घर नए मेहमान का आगमन होने वाला है। इससे पहले जेडी वेंस मजाकिया अंदाज में कह चुके थे कि चौथे बच्चे के लिए उनकी “मनाने की कला” जिम्मेदार थी, लेकिन Communion में उन्होंने इस फैसले के पीछे की असली भावनात्मक कहानी साझा की है।
उषा वेंस ने भी स्पष्ट किया है कि उन्होंने कभी पूरी तरह यह तय नहीं किया था कि उनका परिवार आगे नहीं बढ़ेगा। उनका कहना है कि समय के साथ उन्होंने परिवार के विस्तार की संभावना को लेकर सकारात्मक रूप से सोचना शुरू किया।
वहीं, एरिका कर्क ने भी एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने और चार्ली कर्क ने चार बच्चों का परिवार बनाने का सपना देखा था। उन्होंने युवा दंपतियों और विशेष रूप से महिलाओं को सलाह दी कि यदि वे बड़ा परिवार चाहते हैं तो इस फैसले को बहुत अधिक समय तक टालना नहीं चाहिए।
जेडी वेंस की यह नई किताब केवल राजनीतिक घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें दोस्ती, परिवार, दुख और जीवन के महत्वपूर्ण फैसलों से जुड़ी कई व्यक्तिगत कहानियां भी शामिल हैं। यह खुलासा दर्शाता है कि कभी-कभी जीवन की बड़ी त्रासदियां लोगों की सोच और प्राथमिकताओं को पूरी तरह बदल देती हैं।


