फुटबॉल के सबसे बड़े महाकुंभ FIFA World Cup 2026 को लेकर दुनिया भर के प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार भी यूरोप की टीमों को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इतिहास गवाह है कि अर्जेंटीना, ब्राजील और उरुग्वे को छोड़ दें तो विश्व कप जीतने वाली सभी टीमें यूरोप से ही रही हैं। ऐसे में 2026 विश्व कप में यूरोप की 16 टीमों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
यूरोप से इस बार फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, जर्मनी, पुर्तगाल, नीदरलैंड, क्रोएशिया, बेल्जियम, नॉर्वे, तुर्किये, ऑस्ट्रिया और अन्य मजबूत टीमें मैदान में उतरेंगी। हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा फ्रांस और स्पेन को लेकर हो रही है, जिन्हें खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
फ्रांस की टीम एक बार फिर सुपरस्टार खिलाड़ी Kylian Mbappé की अगुवाई में मैदान पर उतरेगी। फ्रांसीसी टीम के पास अनुभव और युवा प्रतिभा का बेहतरीन मिश्रण मौजूद है। उस्मान डेम्बेले और डिज़िरे दूए जैसे खिलाड़ी टीम की ताकत बढ़ाते हैं। मुख्य कोच Didier Deschamps के लिए यह टूर्नामेंट खास होगा क्योंकि इसके बाद वह अपने पद से विदा ले सकते हैं। ऐसे में फ्रांस तीसरा विश्व कप खिताब जीतकर अपने कोच को यादगार विदाई देना चाहेगा।
दूसरी ओर यूरोपीय चैंपियन Spain National Football Team भी शानदार फॉर्म में है। युवा सनसनी Lamine Yamal इस समय दुनिया के सबसे चर्चित फुटबॉलरों में शामिल हैं। स्पेन की टीम तकनीकी रूप से बेहद मजबूत मानी जाती है और वह अपना दूसरा विश्व कप खिताब जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।
इंग्लैंड भी इस बार मजबूत चुनौती पेश करेगा। टीम की उम्मीदें कप्तान Harry Kane पर टिकी होंगी, जो इंग्लैंड के इतिहास के सबसे सफल गोल स्कोरर हैं। हालांकि कठिन ग्रुप के कारण इंग्लैंड को शुरुआती दौर से ही कड़ी परीक्षा का सामना करना पड़ सकता है।
चार बार की विश्व चैंपियन Germany National Football Team भी खिताब की दौड़ में शामिल है। पिछले दो विश्व कप में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जर्मनी वापसी करने के इरादे से उतरेगा। फ्लोरियन विर्ट्ज, जमाल मुसियाला और जोशुआ किमिख जैसे खिलाड़ी टीम की सबसे बड़ी ताकत हैं।
वहीं पुर्तगाल के लिए यह विश्व कप बेहद भावनात्मक हो सकता है। महान फुटबॉलर Cristiano Ronaldo के करियर का यह आखिरी विश्व कप माना जा रहा है। रोनाल्डो अपनी टीम को पहली बार विश्व चैंपियन बनाने का सपना पूरा करना चाहेंगे। उनके साथ ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देंगे।
नीदरलैंड, बेल्जियम और क्रोएशिया जैसी टीमें भी किसी बड़े उलटफेर की क्षमता रखती हैं। वहीं नॉर्वे की टीम Erling Haaland और मार्टिन ओडेगार्ड के दम पर चर्चा में है।
विश्व कप 2026 के शुरू होने से पहले यह कहना मुश्किल है कि ट्रॉफी किसके हाथ लगेगी, लेकिन इतना तय है कि यूरोप की टीमों के बीच खिताब के लिए जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। फुटबॉल प्रेमियों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आखिर फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, इंग्लैंड या पुर्तगाल में से कौन विश्व फुटबॉल का नया बादशाह बनेगा।


