Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Viksit Bharat 2047 पर मनसुख मांडविया का बड़ा बयान, बोले- Women Power के बिना अधूरा रहेगा भारत का सपना

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya ने कहा है कि ‘विकसित भारत 2047’ का सपना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, नेतृत्व और आर्थिक योगदान के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाएं केवल देश की विकास यात्रा की सहभागी नहीं हैं, बल्कि भारत के भविष्य की वास्तविक निर्माता हैं।

नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित पांचवें नारेडको माही रियल एस्टेट सम्मेलन 2026 को संबोधित करते हुए मंत्री ने महिला नेतृत्व और आर्थिक सशक्तिकरण को राष्ट्रीय विकास की सबसे बड़ी जरूरत बताया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम ‘प्रभाव से प्रेरणा तक’ रखी गई थी, जिसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को मजबूत करना था।

अपने संबोधन में मनसुख मांडविया ने कहा कि देश वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। लेकिन यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब महिलाएं हर क्षेत्र में बराबरी की भागीदारी निभाएं और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में आगे आएं।

उन्होंने कहा, “जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं तो उद्योग विकसित होते हैं, समाज समृद्ध होता है और राष्ट्र तेजी से आगे बढ़ता है।”

मंत्री ने कहा कि नारेडको माही जैसी पहलें अब केवल विचार-विमर्श का मंच नहीं रह गई हैं, बल्कि एक बड़े सामाजिक और आर्थिक आंदोलन का रूप ले चुकी हैं। ये मंच महिला पेशेवरों, उद्यमियों और बदलाव लाने वाली महिलाओं को नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि पारंपरिक सोच को बदलने की जरूरत है। महिलाओं को केवल कुछ सीमित क्षेत्रों तक सीमित रखने की बजाय हर उद्योग में बराबर अवसर मिलने चाहिए।

सम्मेलन में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री Smriti Irani ने भी महिला सशक्तिकरण पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नेतृत्व, उद्यमिता और निर्णय लेने वाली भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना भारत के विकास को नई गति देगा।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को केवल कार्यबल का हिस्सा नहीं, बल्कि नीति निर्माण और बड़े फैसलों का नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। इससे देश की आर्थिक क्षमता और अधिक मजबूत होगी।

इस दौरान नारेडको माही की अध्यक्ष Smita Patil ने संगठन के पांच वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा कि यह पहल अब देशभर में महिला नेतृत्व का एक मजबूत नेटवर्क बन चुकी है।

उन्होंने बताया कि संगठन कौशल विकास, मार्गदर्शन, उद्यमिता, स्थिरता और सामुदायिक सहभागिता जैसे क्षेत्रों में लगातार काम कर रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें नेतृत्व के लिए तैयार करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो महिला कार्यबल की भागीदारी बढ़ाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और नवाचार को गति देने में महिलाओं की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है।

फिलहाल, सरकार और विभिन्न संस्थाएं महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही हैं, ताकि विकसित भारत का लक्ष्य समय पर हासिल किया जा सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles