वजन कम करने का सपना दिखाकर महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े साइबर रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क गुरुग्राम से संचालित किया जा रहा था, जहां एक हाईटेक कॉल सेंटर के जरिए देशभर की महिलाओं को निशाना बनाया जाता था। शुरुआती जांच में करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी का दावा किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर वजन घटाने से जुड़े आकर्षक विज्ञापन चलाता था। इन विज्ञापनों में बिना डाइट और बिना एक्सरसाइज के कम समय में वजन घटाने का दावा किया जाता था। जैसे ही कोई महिला विज्ञापन पर क्लिक कर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करती, कुछ ही मिनटों में उसके पास कॉल और व्हाट्सएप संदेश आने शुरू हो जाते थे।
जांच में सामने आया कि गुरुग्राम स्थित कथित हेल्थ एंड वेलनेस कंपनी ‘क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। बाहर से यह एक सामान्य वेलनेस कंपनी दिखाई देती थी, लेकिन पुलिस के अनुसार इसके भीतर करीब 170 कर्मचारियों की टीम काम कर रही थी।
इनमें लगभग 150 युवतियां टेली कॉलर के रूप में काम करती थीं। उनका काम संभावित ग्राहकों से संपर्क कर खुद को हेल्थ एक्सपर्ट या डॉक्टर की असिस्टेंट बताना और भरोसा जीतना था। इसके बाद कॉल को उन 20 युवकों के पास ट्रांसफर किया जाता था, जो खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को महंगे इलाज और विशेष वेट लॉस पैकेज खरीदने के लिए तैयार करते थे।
पुलिस का कहना है कि कॉल के दौरान लोगों को झूठे मेडिकल दावे और फर्जी सलाह देकर महंगे प्रोडक्ट खरीदने के लिए राजी किया जाता था। कई मामलों में पीड़ितों से बड़ी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई। जांच एजेंसियां अब बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
सूरत पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने देशभर में बड़ी संख्या में महिलाओं को निशाना बनाया। शुरुआती जांच में करोड़ों रुपये के लेनदेन के संकेत मिले हैं और मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले चमत्कारी इलाज, वजन कम करने या स्वास्थ्य से जुड़े किसी भी दावे पर बिना जांच-पड़ताल के भरोसा न करें। किसी भी दवा, हेल्थ पैकेज या मेडिकल सलाह को अपनाने से पहले केवल पंजीकृत डॉक्टर या विश्वसनीय स्वास्थ्य संस्थान से ही सलाह लें।


