संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UN Security Council में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला है। इस बार भारत के पक्ष में खुलकर आवाज उठाई है फिलिस्तीन ने। भारत में फिलिस्तीन के राजदूत अब्दुल्ला एम. अबू शावेब ने कहा है कि भारत केवल अस्थायी सदस्य ही नहीं, बल्कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य बनने का पूरा अधिकार रखता है।
राजदूत का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत ने वर्ष 2028-29 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के चुनाव अभियान की आधिकारिक शुरुआत की है। ऐसे में फिलिस्तीन का यह समर्थन भारत की लंबे समय से चली आ रही मांग को नई मजबूती देता हुआ दिखाई दे रहा है।
एक बातचीत के दौरान जब फिलिस्तीनी राजदूत से पूछा गया कि क्या उनका देश सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन करता है, तो उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार होना है, तो भारत जैसे बड़े, लोकतांत्रिक और वैश्विक प्रभाव रखने वाले देश को स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के कई देश अब मानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना में बदलाव की जरूरत है। उनके अनुसार, आज की वैश्विक परिस्थितियों में भारत जैसे देशों की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है।
फिलिस्तीनी राजदूत ने भारत की विदेश नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत लगातार दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करता रहा है और संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन से जुड़े कई प्रस्तावों का समर्थन भी करता आया है। उन्होंने भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक देश बताया।
उधर, भारत ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत की उम्मीदवारी पेश करते हुए कहा कि आज के दौर में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है और भारत हमेशा संवाद, कूटनीति तथा ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मजबूत करने के लिए काम करता रहा है।
विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि भारत अब तक संयुक्त राष्ट्र के लगभग 50 शांति मिशनों में करीब 3 लाख शांति सैनिक भेज चुका है। वर्तमान में भी विभिन्न देशों में चल रहे संयुक्त राष्ट्र मिशनों में हजारों भारतीय शांति सैनिक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक शांति बनाए रखने में भारत लगातार सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।
भारत इससे पहले भी कई बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य रह चुका है। अब भारत की कोशिश 2028-29 के कार्यकाल के लिए फिर से चुने जाने की है। साथ ही भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और उससे जुड़े सुधारों की मांग भी करता रहा है।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता और वीटो अधिकार से जुड़े किसी भी बदलाव के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन और सदस्य देशों की व्यापक सहमति आवश्यक होती है।
फिलहाल फिलिस्तीन का यह बयान भारत की दावेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक समर्थन माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले समय में सुरक्षा परिषद में सुधार को लेकर वैश्विक स्तर पर क्या सहमति बनती है और भारत की स्थायी सदस्यता की मांग किस दिशा में आगे बढ़ती है।


