Russia-Ukraine War एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। शनिवार देर रात यूक्रेन ने रूस के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर ड्रोन हमला किया। रूसी अधिकारियों के अनुसार इन हमलों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 51 अन्य घायल हुए हैं। हमलों के दौरान गोदामों, एक ऑयल डिपो और एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचा। वहीं यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने रूस की सैन्य आपूर्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि लंबी दूरी के ड्रोन हमलों में मॉस्को और ताम्बोव क्षेत्र की दो महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सुविधाओं को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार इन केंद्रों का इस्तेमाल ड्रोन और नेविगेशन उपकरणों के निर्माण के लिए आवश्यक प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति में किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि एक तेल सुविधा केंद्र पर भी सफल हमला किया गया। इसके अलावा यूक्रेनी स्पेशल ऑपरेशन्स ने आज़ोव सागर और कब्जे वाले क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों पर भी कार्रवाई की।
रूसी अधिकारियों के मुताबिक, देश की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी Wildberries के दो बड़े गोदाम भी इस हमले की चपेट में आए। पहला गोदाम ताम्बोव क्षेत्र के कोटोव्स्क में स्थित था, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 360 किलोमीटर दूर है। दूसरा गोदाम मॉस्को से करीब 50 किलोमीटर पूर्व में इलेक्ट्रोस्तल शहर में स्थित है।
ताम्बोव क्षेत्र के गवर्नर येवगेनी पेरविशोव ने बताया कि कोटोव्स्क स्थित गोदाम में नाइट शिफ्ट के दौरान काम कर रहे सात कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 25 अन्य घायल हुए। वहीं मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने बताया कि इलेक्ट्रोस्तल में 24 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा नोगिंस्क इलाके में भी एक ऑयल डिपो पर ड्रोन गिरने के बाद आग लग गई, जिसमें दो लोग घायल हुए। एहतियात के तौर पर पास के मैटरनिटी अस्पताल और एक रिहायशी इमारत को खाली कराया गया।
रूस के व्लादिमीर क्षेत्र में भी एक यूक्रेनी ड्रोन रिहायशी इमारत से टकरा गया, जिससे कुछ समय के लिए आग लग गई। हालांकि स्थानीय प्रशासन के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई।
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने रातभर में 19 रूसी क्षेत्रों, क्रीमिया, अज़ोव सागर और काला सागर के ऊपर कुल 379 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। इसके बावजूद कई ड्रोन अपने लक्ष्यों तक पहुंचने में सफल रहे, जिससे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन अब रूस के भीतर मौजूद उन ठिकानों को निशाना बना रहा है, जहां से सैन्य उपकरणों और ड्रोन से जुड़ी आपूर्ति की जाती है। दूसरी ओर रूस लगातार अपनी एयर डिफेंस क्षमता मजबूत करने और महत्वपूर्ण औद्योगिक तथा लॉजिस्टिक केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने में जुटा हुआ है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पिछले कई वर्षों से जारी है और दोनों देशों के बीच ड्रोन तथा मिसाइल हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ती जा रही है। हालिया घटनाक्रम से साफ है कि संघर्ष अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि दोनों देशों के अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंच चुका है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। हालांकि फिलहाल दोनों देशों की ओर से सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष और तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
नोट: यह समाचार रूस और यूक्रेन की ओर से जारी आधिकारिक बयानों तथा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। युद्ध जैसी परिस्थितियों में हताहतों और नुकसान के आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं।


