इजराइल और बांग्लादेश के संबंधों को लेकर हाल के दिनों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भारत में इजराइल के राजदूत रूबेन अजार (Reuven Azar) के एक बयान के बाद बांग्लादेश में कथित तौर पर हमास से जुड़े तत्वों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, इस बात की कोई सार्वजनिक और स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है कि इजराइली एजेंट बांग्लादेश में सक्रिय हैं या वहां किसी सैन्य अभियान की तैयारी चल रही है।
रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल के राजदूत ने कहा कि बांग्लादेश में हमास से जुड़े संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल इस संबंध में अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ सूचनाएं साझा कर रहा है। हालांकि उन्होंने किसी सैन्य कार्रवाई या गुप्त अभियान की पुष्टि नहीं की।
इजराइल की ओर से बांग्लादेश का नाम सामने आने के बाद दोनों देशों के संबंधों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। बांग्लादेश और इजराइल के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं और दोनों देशों के बीच लंबे समय से सीमित संपर्क रहा है।
इसी बीच बांग्लादेश सरकार ने अपने पासपोर्ट पर फिर से “Except Israel” (इजराइल को छोड़कर) शब्द जोड़ने का फैसला लिया है। इसका अर्थ यह है कि बांग्लादेशी पासपोर्ट धारक इजराइल की यात्रा के लिए अधिकृत नहीं होंगे। यह निर्णय देश की लंबे समय से चली आ रही नीति के अनुरूप माना जा रहा है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि बांग्लादेश को इजराइली एजेंसियों की संभावित गतिविधियों को लेकर चिंता है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही इजराइल या बांग्लादेश सरकार ने ऐसे किसी ऑपरेशन की पुष्टि की है।
विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब दक्षिण एशिया की कूटनीतिक चर्चाओं पर भी दिखाई देने लगा है। ऐसे में दोनों देशों के बयानों और भविष्य के कदमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के आधार पर इतना स्पष्ट है कि इजराइल ने बांग्लादेश में हमास से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क पर चिंता जताई है, जबकि बांग्लादेश ने अपनी पुरानी पासपोर्ट नीति को फिर से लागू किया है। इसके अलावा इजराइली एजेंटों की मौजूदगी या किसी संभावित ऑपरेशन से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


