कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का दूसरा दिन भारतीय दल के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पहले दिन मुक्केबाज लवलीना बोरगोहाईं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए कम से कम एक पदक पक्का कर दिया था। अब दूसरे दिन देश की नजरें उन खिलाड़ियों पर टिकी हैं, जो भारत का मेडल टैली खोल सकते हैं। खासकर पैरा पावरलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
भारत की सबसे बड़ी उम्मीद पैरा पावरलिफ्टिंग से है। इस स्पर्धा में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ी अपनी चुनौती पेश करेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन को दोहराते हैं तो भारत इस स्पर्धा में एक से अधिक पदक जीत सकता है।
पुरुष हल्के भार वर्ग में अशोक और परमजीत कुमार भारतीय चुनौती पेश करेंगे। इसके बाद महिला हल्के भार वर्ग में जसप्रीत कौर और सुमन देवी पदक की दौड़ में उतरेंगी। वहीं महिला भारी भार वर्ग में कस्तूरी राजमणि अपनी ताकत का प्रदर्शन करेंगी। देर रात पुरुष भारी भार वर्ग में झंडू कुमार और सुधीर पर भी सभी की नजरें रहेंगी। खास तौर पर सुधीर से भारत को पदक की मजबूत उम्मीद है।
कलात्मक जिम्नास्टिक में भी भारतीय खिलाड़ियों के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी। पुरुष टीम फाइनल और व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में तपेश्वरनाथ दास, स्वातिश कैथेरी पुथलाथ, तपन मोहंती और योगेश्वर सिंह हिस्सा लेंगे। इन खिलाड़ियों का पहला लक्ष्य क्वालीफिकेशन दौर को पार करना होगा, ताकि आगे पदक की दौड़ में जगह बनाई जा सके।
पैरा तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। पुरुष 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस-13 वर्ग की हीट में आर. वी. वी. बी. के. बुडिगिना और इमाम अली उतरेंगे। यदि दोनों खिलाड़ी हीट से क्वालीफाई करने में सफल रहते हैं, तो फाइनल में भारत के लिए पदक जीतने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज और जिम्नास्ट प्रणति नायक भी अपने-अपने मुकाबलों में हिस्सा लेंगे। दोनों खिलाड़ियों के सामने शुरुआती दौर पार करने की चुनौती होगी। भारतीय दल की कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी अगले चरण में पहुंचें और पदक की संभावनाएं मजबूत करें।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत भारत के लिए उत्साहजनक रही है। अब दूसरे दिन कई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक जीतने का सुनहरा मौका है। यदि खिलाड़ी अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन करते हैं, तो शुक्रवार भारत के लिए मेडल के लिहाज से यादगार दिन साबित हो सकता है और देश का पदक खाता खुलने की पूरी उम्मीद है।


