बांग्लादेश क्रिकेट टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से पहले बड़ी राहत मिली है। अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज लिटन कुमार दास चोट से उबरने के बाद टीम में लौट आए हैं। बाएं पैर की पिंडली की चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर रहे लिटन अब 13 अगस्त से डार्विन में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में बांग्लादेश की ओर से खेलते नजर आ सकते हैं।
31 वर्षीय लिटन दास की वापसी ऐसे समय हुई है जब बांग्लादेश की टीम ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज की तैयारी कर रही है। उनकी मौजूदगी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चोट से उबरकर की दमदार वापसी
लिटन दास जून से चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे थे। बाएं पैर की पिंडली में लगी चोट के चलते उन्हें कई महत्वपूर्ण मुकाबले छोड़ने पड़े थे। हालांकि, हाल के रिहैबिलिटेशन कार्यक्रम में उनकी फिटनेस में लगातार सुधार देखने को मिला।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने उनकी मेडिकल रिपोर्ट और फिटनेस का आकलन करने के बाद उन्हें पहले टेस्ट के लिए टीम में शामिल किया है। वह टीम के साथ जुड़ने के लिए डार्विन रवाना होंगे।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मजबूत टीम
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के लिए बांग्लादेश ने संतुलित टीम का चयन किया है। टीम की कप्तानी नजमुल हुसैन शांतो करेंगे, जबकि मेहदी हसन मिराज उपकप्तान की जिम्मेदारी निभाएंगे।
टीम में सौम्य सरकार, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन, मोमिनुल हक, मुशफिकुर रहीम, जाकेर अली, तस्कीन अहमद, तैजुल इस्लाम, हसन महमूद, इबादत हुसैन और लिटन दास जैसे अनुभवी और युवा खिलाड़ियों को जगह मिली है।
वनडे कप्तान भी बने लिटन दास
हाल ही में बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने लिटन दास को वनडे टीम का नया कप्तान भी नियुक्त किया है। वह पहले से टी20 अंतरराष्ट्रीय टीम की कप्तानी कर रहे हैं और अब वनडे की जिम्मेदारी भी संभालेंगे।
यह फैसला अगले साल होने वाले आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बोर्ड को उम्मीद है कि लिटन के नेतृत्व में टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करेगी।
मेहदी हसन मिराज की जगह मिली जिम्मेदारी
वनडे टीम की कप्तानी पहले मेहदी हसन मिराज के पास थी। उनकी कप्तानी में बांग्लादेश ने 20 में से 10 मुकाबले जीते और 9 में हार का सामना किया। हालांकि, हालिया वनडे सीरीज में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद बोर्ड ने नेतृत्व में बदलाव का फैसला लिया।
अब लिटन दास के सामने टीम को नए अंदाज में तैयार करने और विश्व कप में मजबूत प्रदर्शन करने की चुनौती होगी।
बांग्लादेश को लिटन से बड़ी उम्मीदें
लिटन दास लंबे समय से बांग्लादेश के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में शामिल रहे हैं। टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों प्रारूपों में उन्होंने कई अहम पारियां खेली हैं।
ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उनकी वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलेगी। साथ ही उनका अनुभव युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
विश्व कप की तैयारियों पर रहेगा फोकस
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की नजर अब आगामी आईसीसी क्रिकेट विश्व कप पर है। ऐसे में लिटन दास की वापसी और कप्तानी टीम के लिए अहम मानी जा रही है।
यदि वह अपनी पुरानी लय हासिल कर लेते हैं तो बांग्लादेश की बल्लेबाजी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई दे सकती है।
निष्कर्ष
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले लिटन दास की वापसी बांग्लादेश क्रिकेट के लिए सकारात्मक खबर है। चोट से उबरने के बाद उनकी टीम में वापसी और वनडे कप्तान की नई जिम्मेदारी आने वाले महीनों में बांग्लादेश क्रिकेट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


