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महंगाई ने बढ़ाई लोगों की टेंशन! April Inflation Rate साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा

देश में महंगाई को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर लगातार दूसरे महीने बढ़कर साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में रिटेल इंफ्लेशन 3.48 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि मार्च महीने में यह 3.40 प्रतिशत था।

महंगाई में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों और कीमती आभूषणों की कीमतों में तेजी को माना जा रहा है। खासकर टमाटर, सोना और चांदी के दामों ने आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा दिया है।

खाद्य महंगाई ने बढ़ाई चिंता

उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक यानी CFPI के अनुसार अप्रैल में खाद्य महंगाई बढ़कर 4.20 प्रतिशत पहुंच गई, जो मार्च में 3.87 प्रतिशत थी। इसका सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट पर देखने को मिल रहा है।

सब्जियों में सबसे ज्यादा उछाल टमाटर की कीमतों में देखने को मिला। अप्रैल में टमाटर के दाम सालाना आधार पर 35.28 प्रतिशत तक बढ़ गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि आलू और प्याज की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। आलू 23.69 प्रतिशत और प्याज 17.67 प्रतिशत सस्ता हुआ है।

गांवों में ज्यादा बढ़ी महंगाई

रिपोर्ट के मुताबिक ग्रामीण इलाकों में महंगाई का असर शहरों की तुलना में ज्यादा देखने को मिला। अप्रैल में ग्रामीण महंगाई दर 3.74 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.16 प्रतिशत दर्ज की गई।

विशेषज्ञों का कहना है कि गांवों में खाद्य वस्तुओं और जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ने से आम परिवारों का बजट ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

सोना-चांदी ने भी तोड़ी कमर

महंगाई केवल खाने-पीने की चीजों तक सीमित नहीं रही। कीमती धातुओं और आभूषणों की कीमतों में भी बड़ी तेजी दर्ज की गई है।

अप्रैल में चांदी के आभूषणों की महंगाई दर 144.34 प्रतिशत रही। वहीं सोना, हीरा और प्लैटिनम ज्वेलरी की कीमतों में करीब 40.72 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इसके अलावा निजी देखभाल और घरेलू उपयोग के सामानों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है।

RBI ने दी बड़ी चेतावनी

Reserve Bank of India ने पहले ही संकेत दिया है कि आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 4.6 प्रतिशत रखा है।

रिजर्व बैंक के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अल नीनो के कारण कमजोर मानसून जैसी स्थितियां आने वाले समय में महंगाई को और बढ़ा सकती हैं।

आम आदमी पर बढ़ सकता है बोझ

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि खाद्य पदार्थों और ईंधन की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही, तो आने वाले महीनों में आम आदमी की जेब पर दबाव और बढ़ सकता है। खासकर मध्यम वर्ग और ग्रामीण परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल हो सकता है।

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