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अमेरिकी कानूनी चुनौतियों से आगे बढ़े गौतम अडानी, अब AI और डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव

अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा है कि समूह अब अमेरिकी कानूनी चुनौतियों को पीछे छोड़कर विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में समूह का मुख्य फोकस ऊर्जा, परिवहन, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कृत्रिम मेधा (AI) से जुड़े क्षेत्रों पर रहेगा।

शेयरधारकों को लिखे अपने वार्षिक पत्र में गौतम अडानी ने कहा कि बीते वर्ष समूह को कई चुनौतियों और बढ़ी हुई जांच-पड़ताल का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने अपने विस्तार और निवेश की योजनाओं को जारी रखा। उन्होंने कहा कि समूह की ताकत उसकी चुनौतियों से लड़ने और राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता में निहित है।

अडानी ने कहा कि AI आधारित विकास आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेगा। इसके लिए बिजली उत्पादन, पारेषण नेटवर्क, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक अवसंरचना में बड़े पैमाने पर निवेश की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा, “एआई के सोचने से पहले ऊर्जा का प्रवाह होना जरूरी है।”

समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, जो अब तक के सबसे बड़े वार्षिक पूंजीगत व्यय कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है। यह निवेश नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली पारेषण, बंदरगाह, हवाई अड्डा, डेटा सेंटर और विनिर्माण क्षेत्रों में किया गया है।

अडानी ग्रीन एनर्जी ने वर्ष के दौरान 5.1 गीगावाट नई नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ी, जिससे कंपनी की कुल परिचालन क्षमता 19 गीगावाट से अधिक हो गई। वहीं अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज ने हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में पांच मेगावाट की पायलट परियोजना की शुरुआत की है।

ऊर्जा क्षेत्र में अदाणी पावर भी बड़े विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2032 तक अपनी उत्पादन क्षमता को 42 गीगावाट तक पहुंचाना है। इसके लिए दो लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना बनाई गई है।

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में समूह ने 2030 तक दो गीगावाट क्षमता वाले डेटा सेंटर प्लेटफॉर्म विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में गूगल के साथ विशाखापत्तनम में एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को लेकर समझौता भी किया गया है।

लॉजिस्टिक्स और परिवहन क्षेत्र में भी समूह का प्रदर्शन मजबूत रहा। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन ने वर्ष के दौरान 50 करोड़ टन से अधिक कार्गो का संचालन किया। वहीं नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और गुवाहाटी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल भी शुरू किए गए हैं।

गौतम अडानी का कहना है कि भविष्य का नेतृत्व केवल तकनीक या सॉफ्टवेयर से नहीं बल्कि मजबूत भौतिक अवसंरचना से तय होगा। इसी सोच के साथ अडानी समूह भारत के विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

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