अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने महिला क्रिकेट को और अधिक प्रतिस्पर्धी तथा व्यवस्थित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अहमदाबाद में हुई आईसीसी बोर्ड बैठक में महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 की तारीखों में बदलाव करने के साथ-साथ नए टूर्नामेंट और क्वालिफिकेशन संरचना को भी मंजूरी दी गई है।
इन फैसलों को महिला क्रिकेट के वैश्विक विस्तार और प्रतियोगिताओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बदली गई Women’s Champions Trophy 2027 की तारीख
महिला चैंपियंस ट्रॉफी की घोषणा पहली बार वर्ष 2022 में की गई थी। यह टूर्नामेंट पहली बार आयोजित होने जा रहा है और इसकी मेजबानी श्रीलंका करेगा।
पहले इस प्रतियोगिता का आयोजन जून-जुलाई 2027 में प्रस्तावित था, लेकिन अब आईसीसी ने इसे 14 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच कराने का फैसला किया है।
हालांकि आईसीसी ने तारीखों में बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक क्रिकेट कैलेंडर को संतुलित रखने के लिए यह फैसला लिया गया हो सकता है।
आठ टीमें लेंगी हिस्सा
महिला चैंपियंस ट्रॉफी 2027 में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी। सभी मुकाबले टी20 प्रारूप में खेले जाएंगे, जिससे टूर्नामेंट और अधिक रोमांचक बनने की उम्मीद है।
नए Women’s Emerging Nations Trophy को मंजूरी
आईसीसी ने महिला उभरते राष्ट्र ट्रॉफी (Women’s Emerging Nations Trophy) के नए प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है।
इस प्रतियोगिता में कुल 10 टीमें हिस्सा लेंगी:
5 पूर्ण सदस्य (Full Members)
5 सहयोगी सदस्य (Associate Members)
टीमों का चयन अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा। पिछले संस्करण में थाईलैंड ने खिताब जीतकर सभी को प्रभावित किया था।
आईसीसी बोर्ड ने महिला टी20 विश्व कप 2028 के लिए क्वालिफिकेशन सिस्टम को भी मंजूरी दे दी है। यह टूर्नामेंट पाकिस्तान की मेजबानी में आयोजित किया जाएगा।
कुल 12 टीमों वाली प्रतियोगिता में:
10 टीमों को सीधे प्रवेश मिलेगा।
2 टीमें ग्लोबल क्वालिफायर के जरिए जगह बनाएंगी।
भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा व्यवस्था के अनुसार भारतीय टीम के मुकाबले तटस्थ स्थान (Neutral Venue) पर आयोजित किए जा सकते हैं।
महिला क्रिकेट को मिलेगा बड़ा फायदा
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीसी के ये फैसले महिला क्रिकेट के विकास, नए देशों की भागीदारी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नई प्रतियोगिताओं और संशोधित कैलेंडर के जरिए महिला क्रिकेट को अधिक दर्शक, बेहतर अवसर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान मिलने की उम्मीद है।


