लखनऊ-लखनऊ में प्रॉपर्टी डीलर संदीप सिंह की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता दिनेश यादव सपा की लोहिया वाहिनी का पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निकला। वह 2020-21 में प्रदेश विधानसभा उपचुनाव के दौरान बतौर पार्टी प्रभारी काम कर चुका है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ पर सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ तस्वीर लगा रखी है। फेसबुक पर उसने चुनाव प्रचार के दौरान की तस्वीरें भी पोस्ट की हैं। सपा के कई नेताओं के साथ उसका उठना-बैठना रहा है। इतना ही नहीं, पुलिस ने उसके कब्जे से जो कार जब्त की, उस पर भी लोहिया वाहिनी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लिखा है। दिनेश थानों में भी अपने राजनीतिक पद का रौब दिखाता रहता था।
27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र में संदीप की बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले के खुलासे के लिए पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें लगाई गई थीं। जांच में सामने आया था कि हत्या की वजह पुराना जमीन विवाद था। संदीप मूलरूप से जौनपुर के रहने वाले थे। हत्या के मामले में दिनेश यादव और उसके ड्राइवर मुकर्रबीन को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दिनेश की एक मर्सडीज समेत 4 लग्जरी गाड़ियों को भी जब्त किया है। 5 लाख रुपए की सुपारी लेकर हत्या करने वाले दोनों शूटर अब भी फरार हैं।
मामले में सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया-
दिनेश यादव पूर्व में समाजवादी लोहिया वाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे हैं। युवाओं का संगठन है। मौजूदा समय में दिनेश अपना कामकाज कर रहे थे। पार्टी के कार्यों में एक्टिव नहीं थे।
पद की धौंस दिखाकर दबाव बनाता था
स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सत्ता में रहने के दौरान वह सब पर रौब दिखाता था। अपने पद की धौंस दिखाकर सब पर दबाव बनाता था। यहां तक कि जो जमीन समझ में आ जाए, उस पर जबरन कब्जा कर लेता था। अगर कोई विरोध करता तो राजनीतिक पार्टी में पकड़ दिखाकर चुप करवा देता।
मैनपुरी, आजमगढ़ और गोरखपुर का पार्टी प्रभारी रहा आलापुर विधानसभा क्षेत्र के समदा गांव निवासी सपा नेता दिनेश यादव उर्फ देवा को अखिलेश का करीबी बताया जाता है। दो दशक पहले लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति की शुरुआत करने वाले दिनेश लोहिया वाहिनी में प्रदेश स्तर पर नेतृत्व कर चुका है। पार्टी ने उसे छात्रसभा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी बनाया था। दिनेश मैनपुरी, आजमगढ़ और गोरखपुर उपचुनाव में पार्टी के प्रभारी के तौर पर भी काम कर चुका है।
अब पढ़िए STF के सामने आरोपियों ने जो कबूला- अब तक जांच में पता चला है कि काकोरी में प्रॉपर्टी डीलर संदीप (मृतक) और दिनेश (साजिशकर्ता) के बीच विवाद हुआ था। पूछताछ में मुकर्रबीन ने बताया कि वह 2016 से दिनेश के साथ ड्राइवर के रूप में काम कर रहा है। दिनेश लगातार मुकदमों और शिकायतों से परेशान था। उसने मुबीन से कहा कि अब संदीप को रास्ते से हटाना पड़ेगा। इसके बाद हत्या की सुपारी देने की साजिश रची गई।
STF की पूछताछ में सामने आया कि मुबीन ने अपने संपर्कों के जरिए शूटरों से संपर्क किया। करीब पांच लाख रुपए में हत्या की सुपारी तय हुई। इसके बाद दो शूटरों को लखनऊ बुलाया गया। उनके रहने और आने-जाने की व्यवस्था की गई। कई दिनों तक संदीप सिंह की गतिविधियों और रूट की रेकी कराई गई।
फर्जी नंबर प्लेट लगाकर की गई रेकी
जांच एजेंसियों के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए एक सेकंड हैंड अपाचे बाइक खरीदी गई। बाइक की असली नंबर प्लेट हटाकर उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। इसी बाइक से शूटरों ने कई बार इलाके की रेकी की और संदीप के आने-जाने के रास्तों को अच्छी तरह से जाना।

हत्या के दिन लखनऊ से बाहर चले गए थे आरोपी
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि वारदात के दिन खुद को शक से बचाने के लिए दिनेश और मुकर्रबीन दोनों लखनऊ से बाहर चले गए थे। दिन में शूटरों ने संदीप की गोली मारकर हत्या की और बाद में फोन कर वारदात पूरी होने की सूचना दी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वारदात का CCTV भी सामने आया था
दैनिक भास्कर को वारदात का एक्सक्लूसिव सीसीटीवी फुटेज मिला था। 50 सेकंड के फुटेज में दिख रहा था कि प्रॉपर्टी डीलर संदीप कार से नीचे उतरने के बाद मोबाइल पर बात करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इस दौरान सफेद शर्ट और नीले जींस पहने बदमाश उनके पास आता है। उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर देता है। पहली गोली सीने के पास लगते ही संदीप सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बदमाश उन पर लगातार फायरिंग करता रहता है। आखिरी गोली संदीप के सिर के पास मारता है।


