भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली एक बड़ी घोषणा सामने आई है। वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी AirTrunk ने वर्ष 2030 तक भारत में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये निवेश करने की योजना पेश की है। इस निवेश का उद्देश्य देश में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करना है, जिसे भारत के डिजिटल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
PM मोदी ने किया स्वागत
Narendra Modi ने इस महत्वाकांक्षी निवेश योजना का स्वागत करते हुए कहा कि भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लगातार मजबूत हो रहा है। उनके अनुसार AirTrunk का निवेश देश को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्लाउड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने में मदद करेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के निवेश रोजगार सृजन, नवाचार और तकनीकी विकास को नई दिशा देंगे।
5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
AirTrunk की योजना भारत में 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के डेटा स्टोरेज, क्लाउड सेवाओं और AI आधारित तकनीकों की बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आज के समय में डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन सेवाएं और AI एप्लिकेशन तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके कारण बड़े और आधुनिक डेटा सेंटरों की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
भारत में पहले से मौजूद है कंपनी की उपस्थिति
कंपनी ने हाल ही में ल्यूमिना क्लाउडइन्फ्रा के अधिग्रहण के माध्यम से भारतीय बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की है। इसके बाद मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में लगभग 600 मेगावाट क्षमता वाली परियोजनाओं पर काम शुरू किया गया है।
प्रमुख शहर
Mumbai
Chennai
Hyderabad
AirTrunk CEO ने भारत की नीतियों की सराहना की
AirTrunk के संस्थापक और CEO Robin Khuda ने कहा कि भारत निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रहा है। उन्होंने बताया कि AI क्षेत्र में सरकारी पहल, कुशल कार्यबल और नवीकरणीय ऊर्जा की उपलब्धता ने निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है।
हाल ही में उन्होंने भारत दौरे के दौरान केंद्र सरकार और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा उपलब्धता, स्किल डेवलपमेंट और परियोजना स्वीकृतियों पर चर्चा की।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निवेश सिर्फ डेटा सेंटर निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी और तकनीकी क्षेत्र में नए अवसर खुलेंगे।
साथ ही भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को भी मजबूती मिलेगी, जिससे देश वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह निवेश?
AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल सेवाओं का भविष्य मजबूत डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर करता है। ऐसे में AirTrunk का प्रस्तावित निवेश भारत को वैश्विक डिजिटल शक्ति बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
आने वाले वर्षों में यह निवेश भारत को AI, डेटा सेंटर और क्लाउड सेवाओं के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख देशों की श्रेणी में शामिल करने में मदद कर सकता है।


