नई दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले विपक्षी एकता में दरार के संकेत दिखाई देने लगे हैं। गठबंधन के कई प्रमुख सहयोगी दल कांग्रेस के रवैये से नाराज बताए जा रहे हैं, जिससे बैठक से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
जहां एक ओर Communist Party of India (Marxist) ने कांग्रेस नेतृत्व को कड़ा संदेश दिया है, वहीं Jharkhand Mukti Morcha ने राज्यसभा चुनाव को लेकर असंतोष जताया है।
CPM ने खरगे को लिखा कड़ा पत्र
सीपीएम के महासचिव M. A. Baby ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को पत्र लिखकर केरल में कांग्रेस के रुख पर गंभीर आपत्ति जताई है।
पत्र में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि केरल में कांग्रेस लगातार वामपंथी दलों के खिलाफ राजनीतिक अभियान चला रही है। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भी नाराजगी जताई गई है।
सीपीएम का कहना है कि ऐसे हालात में भाजपा के खिलाफ साझा संघर्ष की भावना कमजोर होती है।
नाराजगी के बावजूद बैठक में शामिल होगी CPM
हालांकि मतभेदों के बावजूद सीपीएम ने INDIA गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद John Brittas बैठक में शामिल हो सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह कदम गठबंधन को बचाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
JMM की नाराजगी भी बढ़ी
दूसरी ओर झारखंड मुक्ति मोर्चा भी कांग्रेस के एक फैसले से असहज बताया जा रहा है। पार्टी को आपत्ति है कि झारखंड में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर कांग्रेस ने कथित तौर पर सहयोगी दलों से पर्याप्त चर्चा नहीं की।
सूत्रों के अनुसार, JMM ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए अलग उम्मीदवार उतारने की संभावना भी जताई है।
DMK की दूरी ने बढ़ाई चिंता
गठबंधन के लिए चिंता की बात यह भी है कि Dravida Munnetra Kazhagam पहले ही बैठक से दूरी बनाने का संकेत दे चुकी है।
इससे विपक्षी एकता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं और कांग्रेस पर सहयोगी दलों को साथ बनाए रखने का दबाव बढ़ गया है।
बंगाल और केरल के मुद्दों पर भी मतभेद
सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की राजनीतिक हिंसा और केरल की राजनीति को लेकर भी सहयोगी दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
वामपंथी दलों को इस बात पर भी आपत्ति है कि गठबंधन के भीतर विभिन्न राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ राजनीतिक अभियान जारी हैं। ऐसे में साझा रणनीति तैयार करना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।
कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोमवार की बैठक कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। पार्टी को सहयोगी दलों की नाराजगी दूर कर विपक्षी एकता को मजबूत बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
अब सभी की नजर इस बैठक पर टिकी है कि क्या INDIA गठबंधन अपने मतभेद दूर कर पाएगा या फिर अंदरूनी खींचतान और बढ़ेगी।


