Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

खामनेई के दफ्तर पर हमले के वक्त अंदर मौजूद थे ईरान के विदेश मंत्री, 48 घंटे तक नहीं मिला सुप्रीम लीडर का पता

ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने उस रात की पूरी कहानी बताई है, जब कथित तौर पर ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामनेई के दफ्तर पर हमला हुआ था।

लेबनान के टीवी चैनल अलमयादीन को दिए एक इंटरव्यू में अरागची ने दावा किया कि संघर्ष के शुरुआती घंटों में जब हमला हुआ, तब वह खुद उसी इमारत में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हमले के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई थी और इमारत को भारी नुकसान पहुंचा था।

अरागची के अनुसार, जब वह मलबे से बाहर निकल रहे थे तो उनके मन में सबसे बड़ी चिंता सुप्रीम लीडर अली खामनेई की सुरक्षा को लेकर थी। उन्होंने कहा कि हमले के बाद लगभग 48 घंटे तक उन्हें भी यह जानकारी नहीं थी कि खामनेई सुरक्षित हैं या नहीं।

विदेश मंत्री ने बताया कि हमले के बाद सुरक्षा अधिकारियों और सैन्य कमांडरों ने खामनेई से सुरक्षित बंकर या शेल्टर में जाने का अनुरोध किया था। हालांकि, खामनेई ने कथित तौर पर ऐसा करने से इनकार कर दिया।

अरागची के मुताबिक, खामनेई ने कहा कि वह तब तक किसी विशेष सुरक्षित स्थान पर नहीं जाएंगे, जब तक ईरान के आम नागरिकों को भी समान सुरक्षा उपलब्ध नहीं हो जाती। उन्होंने कहा कि जो स्थिति देश के लोगों की होगी, वही उनकी भी होगी।

यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे क्षेत्र में चिंताएं बढ़ा दी हैं।

इंटरव्यू के दौरान अरागची ने एक और महत्वपूर्ण दावा किया। उन्होंने कहा कि संघर्ष शुरू होने से पहले ईरान ने फारस की खाड़ी के पड़ोसी देशों को चेतावनी दी थी कि यदि उनकी जमीन पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया गया, तो उसका जवाब दिया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रीय देशों ने अपनी जमीन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इसके बावजूद अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को और संवेदनशील बना सकते हैं। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है।

फिलहाल, अब्बास अरागची के इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है। हमले की रात क्या हुआ था, इसे लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और खुलासे सामने आ सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles