गर्मी के मौसम में पसीना आना और थकान महसूस होना सामान्य बात है, लेकिन यदि आपको हल्की गर्मी में भी अत्यधिक बेचैनी, चक्कर, सिरदर्द या ज्यादा पसीना आने जैसी समस्याएं होने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति केवल मौसम का प्रभाव नहीं, बल्कि किसी गंभीर मेडिकल कंडीशन का संकेत भी हो सकती है।
क्या है Heat Sensitivity?
हीट सेंसिटिविटी वह स्थिति है, जब शरीर गर्मी को सामान्य तरीके से सहन नहीं कर पाता। शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम प्रभावित होने पर व्यक्ति को सामान्य तापमान भी बहुत अधिक गर्म महसूस हो सकता है। इसके कारण कमजोरी, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना और अत्यधिक पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
Hyperthyroidism हो सकता है एक कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक हाइपरथायरायडिज्म ऐसी स्थिति है जिसमें थायराइड ग्रंथि जरूरत से ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है। इससे शरीर का मेटाबॉलिज्म तेजी से बढ़ जाता है और व्यक्ति को सामान्य तापमान भी असहनीय लगने लगता है।
इसके प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं:
अत्यधिक पसीना आना
तेजी से वजन घटना
दिल की धड़कन बढ़ना
घबराहट और बेचैनी
नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती हैं जिम्मेदार
कुछ न्यूरोलॉजिकल बीमारियां भी शरीर की गर्मी सहन करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। उदाहरण के तौर पर मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) में मस्तिष्क और नसों के बीच संदेश पहुंचाने की प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है।
ऐसे मरीजों में हल्की गर्मी के दौरान भी:
धुंधला दिखाई देना
अत्यधिक थकान
कमजोरी
संतुलन की समस्या
जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा ऑटोनोमिक नर्व डिसऑर्डर भी शरीर के तापमान नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है।
डायबिटीज और हृदय रोग का भी असर
डायबिटीज के कारण नसों को नुकसान पहुंच सकता है, जिससे शरीर की प्राकृतिक कूलिंग प्रक्रिया प्रभावित होती है। वहीं हृदय रोगों में रक्त संचार सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे शरीर गर्मी को प्रभावी ढंग से बाहर नहीं निकाल पाता।
डिहाइड्रेशन और दवाएं भी बढ़ा सकती हैं समस्या
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन भी हीट सेंसिटिविटी का बड़ा कारण बन सकता है। पर्याप्त पानी न होने पर पसीना कम निकलता है और शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है।
कुछ दवाएं भी शरीर के तापमान नियंत्रण तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। यदि किसी दवा के सेवन के बाद अत्यधिक गर्मी महसूस होने लगे, तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है।
कैसे करें बचाव?
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स लें।
हल्के और सूती कपड़े पहनें।
अत्यधिक गर्म वातावरण में लंबे समय तक न रहें।
कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि आपको बार-बार चक्कर आना, उल्टी होना, अत्यधिक कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या बेहोशी जैसा महसूस हो रहा है, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। ये लक्षण हीट एक्सॉशन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति की ओर संकेत कर सकते हैं।


