Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

भारत पहुंचे BGB चीफ, BSF के साथ शुरू हुई अहम बैठक; घुसपैठ और पुशबैक नीति पर होगी बड़ी चर्चा

भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में शुरू होने जा रही है। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के महानिदेशक मेजर जनरल मोहम्मद अशरफ उज्जमान सिद्दीकी अपने 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत पहुंचे हैं। उनकी अगवानी के लिए स्वयं सीमा सुरक्षा बल (BSF) के महानिदेशक प्रवीण कुमार इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।

यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर अवैध घुसपैठ, तस्करी और अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। दिल्ली में 8 जून से 11 जून तक आयोजित होने वाली 97वीं डीजी-स्तरीय बॉर्डर कोऑर्डिनेशन कॉन्फ्रेंस में BSF और BGB के वरिष्ठ अधिकारी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

बैठक में भारतीय पक्ष की ओर से सीमा पार से हो रही अवैध घुसपैठ, मवेशी तस्करी, सीमा पर फेंसिंग कार्य में आने वाली बाधाएं तथा भारतीय सुरक्षा बलों पर होने वाले हमलों जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। इसके अलावा सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने तथा सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।

हालांकि इस बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की वापसी यानी ‘पुशबैक’ नीति को माना जा रहा है। भारत लगातार उन लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रहा है जो कथित रूप से अवैध तरीके से सीमा पार कर भारत में प्रवेश कर चुके हैं। ऐसे लोगों को वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया को लेकर दोनों देशों के बीच कई बार मतभेद सामने आए हैं।

हाल के महीनों में पश्चिम बंगाल सीमा क्षेत्र में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कथित बांग्लादेशी नागरिकों को वापस लेने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। एक मामले में 17 लोगों को लेकर दोनों देशों की सीमा सुरक्षा एजेंसियों के बीच गतिरोध की खबरें भी सामने आई थीं। बाद में स्थिति सामान्य हुई और संबंधित लोग सीमा क्षेत्र से हट गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में यह बैठक केवल एक नियमित औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। सीमा सुरक्षा, अवैध प्रवासन, तस्करी और सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषय दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर सीधा प्रभाव डालते हैं।

पश्चिम बंगाल और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सीमा पर फेंसिंग कार्य तेज होने के साथ ही BSF द्वारा निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश की तरफ से भी कई मुद्दों पर अपनी चिंताएं व्यक्त की जाती रही हैं।

ऐसे में दिल्ली में आयोजित यह उच्चस्तरीय बैठक दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, विवादित मुद्दों के समाधान और सीमा पर स्थिरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। सुरक्षा विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि इस वार्ता से कौन से ठोस निष्कर्ष निकलते हैं और दोनों देश सीमा प्रबंधन को लेकर आगे क्या रणनीति अपनाते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles