भारत की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi की तारीफ किए जाने और उसके जवाब में पीएम मोदी द्वारा धन्यवाद देने के बाद आम आदमी पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal ने तीखा सवाल खड़ा कर दिया है।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इस अवसर पर डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा कि उनके मित्र प्रधानमंत्री मोदी महान, मजबूत, स्वस्थ और बुद्धिमान नेता हैं।
ट्रंप के इस संदेश के जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने धन्यवाद व्यक्त किया और भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत बनाने की बात कही। लेकिन यही ‘थैंक यू’ अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा कि आखिर यह धन्यवाद किस बात के लिए दिया गया है। उन्होंने हाल ही में ओमान के तट के पास हुए एक हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना में भारतीय नागरिकों की जान गई थी और ऐसे समय में अमेरिका को धन्यवाद देना कई सवाल खड़े करता है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय नागरिकों की मौत जैसे गंभीर मुद्दे पर केंद्र सरकार को अधिक सख्त रुख अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की संप्रभुता, नागरिकों की सुरक्षा और राष्ट्रीय सम्मान सर्वोच्च होना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है।
वहीं भाजपा और केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे को कूटनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी विदेशी नेता द्वारा दी गई बधाई का जवाब देना सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है। हालांकि विपक्ष इस मुद्दे को भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और विदेश नीति से जोड़कर देख रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर देश में विदेश नीति, कूटनीतिक संबंधों और राष्ट्रीय हितों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। एक ओर अमेरिका और भारत के बीच मजबूत होते संबंधों की बात हो रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सरकार से संवेदनशील मुद्दों पर जवाब मांग रहा है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में है और आने वाले दिनों में इस पर और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।


