राज्यसभा चुनाव 2026 में कई राज्यों में मतदान की आवश्यकता ही नहीं पड़ी। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 9 राज्यों से कुल 22 उम्मीदवार निर्विरोध राज्यसभा सदस्य निर्वाचित घोषित कर दिए गए। उम्मीदवारों की संख्या रिक्त सीटों के बराबर होने के कारण इन सीटों पर 18 जून को मतदान नहीं कराया जाएगा।
इस चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge एक बार फिर राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं को भी नया कार्यकाल मिला है।
मध्य प्रदेश में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए तीनों सीटों पर कब्जा कर लिया। यहां भाजपा के Tarun Chugh, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट निर्विरोध चुने गए। कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद भाजपा की राह आसान हो गई।
9 राज्यों से निर्विरोध चुने गए उम्मीदवार
गुजरात (4 सीटें)
राजूभाई शुक्ला – BJP
मुकेश राठवा – BJP
मानसिंह परमार – BJP
जितेंद्र कंजारिया – BJP
आंध्र प्रदेश (4 सीटें)
सतीश बाबू – TDP
बश्याम रामकृष्ण – TDP
चिंताकायला विजय – TDP
लिंगमनेनी रमेश – जन सेना
राजस्थान (3 सीटें)
नीरज डांगी – कांग्रेस
सतीश पूनिया – BJP
अलका गुर्जर – BJP
मध्य प्रदेश (3 सीटें)
तरुण चुग – BJP
रजनीश अग्रवाल – BJP
महेश केवट – BJP
मेघालय (1 सीट)
जेम्स के. संगमा – NPP
मिजोरम (1 सीट)
लालतुलुआंगकिमा – ZPM
मणिपुर (1 सीट)
अधिकारिमयुम शारदा – BJP
अरुणाचल प्रदेश (1 सीट)
ताई तागक – BJP
उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवार
महाराष्ट्र
राजेंद्र जैन – NCP
तमिलनाडु
प्रवीण चक्रवर्ती – कांग्रेस
ओडिशा
देवाशीष सामंतराय – BJP
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन निर्विरोध चुनावों ने कई राज्यों में दलों की ताकत और रणनीतिक समझ को दिखाया है। भाजपा ने गुजरात, मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई, जबकि कांग्रेस ने भी अपने प्रमुख नेताओं को सफलतापूर्वक राज्यसभा भेजने में कामयाबी हासिल की।
अब 18 जून को केवल उन राज्यों में मतदान होगा जहां उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक है। ऐसे में राज्यसभा की शेष सीटों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


