2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियों के बीच टीम इंडिया एक नई चुनौती का सामना कर रही है। स्टार बल्लेबाज Virat Kohli और प्रमुख ऑलराउंडर Hardik Pandya चोट के कारण टीम से बाहर हैं। ऐसे में मुख्य कोच Gautam Gambhir और कप्तान Shubman Gill के सामने नई प्लेइंग इलेवन तैयार करने की बड़ी चुनौती है।
भारत अपने वर्ल्ड कप अभियान की तैयारियों की शुरुआत धर्मशाला में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से करेगा। इस सीरीज में टीम मैनेजमेंट युवा खिलाड़ियों को अलग-अलग भूमिकाओं में आजमाने की योजना बना रहा है।
सबसे बड़ा सवाल नंबर-3 बल्लेबाजी क्रम को लेकर है। विराट कोहली की गैरमौजूदगी में टीम मैनेजमेंट कई विकल्पों पर विचार कर रहा है। बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्कल के मुताबिक Ishan Kishan, KL Rahul और Yashasvi Jaiswal को इस स्थान पर मौका दिया जा सकता है।
टीम का उद्देश्य सिर्फ सीरीज जीतना नहीं बल्कि 2027 वर्ल्ड कप के लिए मजबूत बेंच स्ट्रेंथ तैयार करना भी है। इसलिए खिलाड़ियों को अलग-अलग पोजीशन पर मौका देकर उनके प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
वहीं हार्दिक पांड्या की अनुपस्थिति में ऑलराउंडर की भूमिका भी चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीच युवा खिलाड़ी Nitish Kumar Reddy के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है। टीम मैनेजमेंट को उम्मीद है कि वह बल्ले और गेंद दोनों से अपनी उपयोगिता साबित कर सकते हैं।
मोर्ने मोर्कल ने कहा कि नितीश पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने अपने खेल पर काफी मेहनत की है। ऐसे खिलाड़ियों के लिए यह मौका है कि वे चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करें और टीम में अपनी जगह मजबूत करें।
इस बीच भारतीय टीम के लिए एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। अनुभवी कप्तान Rohit Sharma पूरी तरह फिट हो चुके हैं। मोर्कल ने बताया कि रोहित ने सभी फिटनेस टेस्ट पास कर लिए हैं और उन्हें खेलने की पूरी मंजूरी मिल चुकी है।
अब धर्मशाला में होने वाली अफगानिस्तान सीरीज सिर्फ एक द्विपक्षीय मुकाबला नहीं, बल्कि टीम इंडिया के भविष्य की दिशा तय करने वाली परीक्षा मानी जा रही है। युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन और गौतम गंभीर की रणनीति पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी।


