उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच आजाद समाज पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेल दिया है। पार्टी प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद अब खुद चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों का इंटरव्यू लेने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पार्टी प्रदेश में बड़े स्तर पर चुनावी तैयारी कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद 13 जून से 18 जून तक लखनऊ में रहेंगे। इस दौरान वह विभिन्न मंडलों और जोनों से आने वाले संभावित प्रत्याशियों से मुलाकात करेंगे और उनकी राजनीतिक पकड़, जनाधार तथा संगठनात्मक क्षमता का आकलन करेंगे।
पार्टी की ओर से बताया गया है कि उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया इस बार पूरी तरह जमीनी रिपोर्ट और संगठन की फीडबैक पर आधारित होगी। ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी अपने क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो पार्टी को चुनाव में बेहतर प्रदर्शन दिला सकें।
सूत्रों की मानें तो आजाद समाज पार्टी उत्तर प्रदेश में 300 से 400 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है। यदि ऐसा होता है तो प्रदेश की राजनीति में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक सुनील कुमार चित्तौड़ ने बताया कि टिकट वितरण में पारदर्शिता और जमीनी कार्यकर्ताओं को अवसर देने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत हर क्षेत्र के संभावित उम्मीदवारों का व्यक्तिगत मूल्यांकन किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चंद्रशेखर आजाद का यह कदम पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आजाद समाज पार्टी किन चेहरों पर दांव लगाती है और आगामी विधानसभा चुनाव में उसकी रणनीति प्रदेश की राजनीति को कितना प्रभावित करती है।


