ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए कथित हमलों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमले करने का आरोप लगाया है। वहीं ईरान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें निराधार बताया है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारतीय जहाजों पर हुआ कथित ड्रोन हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों में शामिल है।
हालांकि, भारत में Embassy of Iran in India ने इन आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। ईरानी पक्ष का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हमले को लेकर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और इनका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
ईरानी दूतावास ने अपने बयान में कहा कि इस तरह के आरोप वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। तेहरान ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में हुई घटनाओं को लेकर अमेरिका खुद सवालों के घेरे में है।
इस बीच भारत ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों को लेकर नई दिल्ली ने चिंता जताई है। भारत सरकार ने नयी दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने समुद्री व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है और घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी मांगी है। भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव के बीच इस घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है और यहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
फिलहाल अमेरिका और ईरान दोनों अपने-अपने दावों पर कायम हैं। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और भारत इस पूरे मामले पर आगे क्या रुख अपनाता है।


