महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों के बीच पार्टी नेता और सांसद अनिल देसाई ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इन सभी खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि पार्टी के सभी सांसद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं।
अनिल देसाई ने कहा कि सांसदों पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है और समय-समय पर पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे सभी नेताओं के साथ बैठक करते रहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर किसी तरह की टूट या असंतोष जैसी स्थिति नहीं है।
क्या है ‘ऑपरेशन टाइगर’?
हाल के दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि शिवसेना (UBT) के नौ में से सात सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में हैं और पार्टी बदलने पर विचार कर रहे हैं।
हालांकि, इन दावों को लेकर अब पार्टी नेतृत्व ने खुलकर प्रतिक्रिया दी है और इन्हें अफवाह करार दिया है।
संजय राउत ने भी किया खंडन
इससे पहले शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत ने भी इन दावों को खारिज किया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के पांच सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरें पूरी तरह झूठी हैं।
संजय राउत ने कहा कि कुछ दिन पहले ही सभी सांसदों ने उद्धव ठाकरे की बुलाई गई बैठक में हिस्सा लिया था और उनके नेतृत्व में अपना भरोसा दोहराया था।
उन्होंने दावा किया कि कई नेताओं ने व्यक्तिगत तौर पर भी उद्धव ठाकरे को अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
शिंदे गुट की तरफ से भी आया जवाब
इस पूरे विवाद के बीच शिवसेना नेता शायना एनसी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी किसी दूसरी पार्टी को तोड़ने में दिलचस्पी नहीं रखती।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लोकप्रियता उनकी जमीनी राजनीति और जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने की वजह से बढ़ी है।
शायना एनसी ने कहा कि एकनाथ शिंदे आम लोगों के बीच रहकर काम करते हैं और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर क्यों है सबकी नजर?
महाराष्ट्र की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से लगातार बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का केंद्र रही है। शिवसेना में हुए विभाजन के बाद राज्य की सियासत लगातार बदलती रही है।
ऐसे में सांसदों के संभावित दल-बदल की खबरें राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन जाती हैं। हालांकि, फिलहाल शिवसेना (UBT) के नेताओं ने इन सभी अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में महाराष्ट्र की राजनीति में और भी कई बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।


