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Ahmedabad में NEET री-एग्जाम सेंटर पर हिजाब को लेकर हंगामा, विरोध के बाद बुलानी पड़ी पुलिस

गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित NEET UG री-एग्जाम के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर हिजाब को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह मामला उस समय सामने आया जब एक मुस्लिम छात्रा को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई, जिसके बाद कुछ अभिभावकों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।

यह घटना अहमदाबाद के आर.जे. तिबरेवाल परीक्षा केंद्र की बताई जा रही है। हालांकि, विवाद के बावजूद परीक्षा तय समय के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई गई।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

मिली जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से पहले सुरक्षा जांच के दौरान छात्रा से हिजाब हटाने के लिए कहा गया था। इस पर छात्रा की मां ने आपत्ति जताई और हिजाब हटाने का विरोध किया। मामला बढ़ने पर परीक्षा केंद्र प्रशासन, पुलिस और अन्य अधिकारियों के बीच तत्काल बैठक की गई।

काफी चर्चा के बाद छात्रा को हिजाब पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ अन्य अभिभावकों ने विरोध दर्ज कराया।

अभिभावकों ने क्या सवाल उठाए?

विरोध कर रहे अभिभावकों का कहना था कि यदि किसी छात्रा को धार्मिक परिधान पहनने की अनुमति दी जाती है, तो परीक्षा के नियम सभी उम्मीदवारों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।

कुछ अभिभावकों ने दावा किया कि अन्य छात्रों से कलावा, कड़ा और कुछ अन्य वस्तुएं हटाने के लिए कहा गया था। उनका कहना था कि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए और सभी उम्मीदवारों के लिए एक समान नियम लागू होने चाहिए।

पुलिस को संभालनी पड़ी स्थिति

विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ देर के लिए नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने अभिभावकों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया।

परीक्षा पर नहीं पड़ा असर

अधिकारियों के अनुसार, इस विवाद का परीक्षा संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी उम्मीदवारों ने निर्धारित समय पर परीक्षा दी और पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

परीक्षा नियमों को लेकर फिर शुरू हुई बहस

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर परीक्षा केंद्रों में धार्मिक प्रतीकों और ड्रेस कोड को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई लोग समान नियमों की वकालत कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग धार्मिक स्वतंत्रता का मुद्दा उठा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में स्पष्ट दिशा-निर्देश और समान नियम लागू करना बेहद जरूरी होता है, ताकि किसी भी प्रकार का भ्रम या विवाद पैदा न हो।

फिलहाल, प्रशासन ने मामले को नियंत्रित कर लिया है और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। यदि संबंधित परीक्षा एजेंसी या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी होता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

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