मुहर्रम के अवसर पर आज देश के वित्तीय बाजारों में कारोबार पूरी तरह बंद रहेगा। सार्वजनिक अवकाश के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी BSE, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE, विदेशी मुद्रा बाजार और अधिकांश कमोडिटी ट्रेडिंग सेगमेंट में किसी भी प्रकार का व्यापार नहीं होगा। इस वजह से निवेशकों और ट्रेडर्स को आज बाजार से जुड़े लेन-देन के लिए अगले कारोबारी दिन का इंतजार करना होगा।
शेयर बाजार के आधिकारिक अवकाश कैलेंडर के अनुसार आज इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव, सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) सहित सभी प्रमुख ट्रेडिंग सेगमेंट बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि निवेशक आज शेयरों की खरीद-बिक्री या अन्य सामान्य ट्रेडिंग गतिविधियां नहीं कर सकेंगे।
इसी तरह विदेशी मुद्रा यानी फॉरेक्स मार्केट में भी कारोबार नहीं होगा। अमेरिकी डॉलर, यूरो, ब्रिटिश पाउंड, जापानी येन समेत अन्य विदेशी मुद्राओं से जुड़े लेन-देन अगले कारोबारी दिन किए जाएंगे। कई बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की मुद्रा आधारित प्रक्रियाएं भी अवकाश के कारण स्थगित रहेंगी।
कमोडिटी बाजार की बात करें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में भी निर्धारित अवकाश के अनुसार कारोबार प्रभावित रहेगा। सोना, चांदी, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और कृषि जिंसों में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को भी अगले कारोबारी सत्र तक इंतजार करना होगा।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि एक दिन का अवकाश आमतौर पर बाजार की लंबी अवधि की दिशा को प्रभावित नहीं करता। हालांकि, यदि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कोई बड़ा आर्थिक, राजनीतिक या भू-राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है, तो उसका असर अगले कारोबारी दिन भारतीय बाजार की शुरुआत पर देखने को मिल सकता है।
निवेशकों की नजर वैश्विक शेयर बाजारों की चाल, कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी डॉलर की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और प्रमुख देशों के आर्थिक आंकड़ों पर बनी रहेगी। बाजार खुलने के बाद यही कारक शुरुआती कारोबार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि बाजार की छुट्टी का उपयोग अपने निवेश पोर्टफोलियो की समीक्षा करने, कंपनियों के तिमाही नतीजों का अध्ययन करने और दीर्घकालिक निवेश रणनीति तैयार करने में किया जा सकता है। उनका मानना है कि अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बजाय मजबूत और लंबी अवधि की निवेश योजना पर ध्यान देना अधिक लाभदायक होता है।
मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है और मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इस दिन देशभर में धार्मिक कार्यक्रम, जुलूस और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं। इसी कारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है, जिसके चलते वित्तीय बाजार भी बंद रहते हैं।
आज के अवकाश के बाद भारतीय शेयर बाजार, करेंसी मार्केट और कमोडिटी बाजार अपने अगले निर्धारित कारोबारी दिन सामान्य समय पर फिर से खुलेंगे। बाजार खुलने के बाद निवेशकों की निगाह घरेलू और वैश्विक संकेतों पर रहेगी, जो आने वाले कारोबारी सत्र की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को घबराने की बजाय सोच-समझकर और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ निवेश संबंधी फैसले लेने की सलाह दी जाती है।


