समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक, रद्द होती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर ‘Vision India’ नाम से एक नए अभियान की घोषणा की है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान शिक्षा और भर्ती प्रणाली गंभीर संकट से गुजर रही है तथा युवाओं का भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है। इस अभियान के तहत पहला सम्मेलन 29 जून को प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी।
सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात रखते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होना, परीक्षाओं का रद्द होना, सरकारी नौकरियों के खाली पदों पर भर्ती न होना और मूल्यांकन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों ने युवाओं के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। उनका कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में युवा निराशा और बेरोजगारी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल छोटे-छोटे सुधारों से समस्या का समाधान संभव नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव की आवश्यकता है।
अखिलेश यादव ने बताया कि ‘Vision India’ अभियान को तीन प्रमुख चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। पहले चरण ‘प्लान’ के तहत देश के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों की पहचान की जाएगी। दूसरे चरण ‘डेवलप’ में विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्रों और विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ संवाद कर समाधान तैयार करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं तीसरे चरण ‘एसेंट’ के माध्यम से नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाकर देश को शिक्षा और विकास के क्षेत्र में आगे ले जाने की बात कही गई है।
समाजवादी पार्टी के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार, युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाना है। प्रयागराज में होने वाले पहले सम्मेलन का विषय ‘शिक्षा-परीक्षा: क्यों ध्वस्त हुई व्यवस्था’ रखा गया है, जिसमें शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
हालांकि, इस मुद्दे पर सरकार की ओर से अलग-अलग अवसरों पर परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई कदम उठाने का दावा किया जाता रहा है। ऐसे में अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इस विषय पर होने वाली बहस और आगे की गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।


