फीफा विश्व कप के ग्रुप चरण में फ्रांस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉर्वे को 4-1 से हराकर ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया। इस मुकाबले के सबसे बड़े स्टार उस्मान डेम्बेले रहे, जिन्होंने पहले हाफ में ही हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। उनकी शानदार फिनिशिंग और फ्रांस के आक्रामक खेल के दम पर टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की और नॉकआउट चरण में पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रवेश किया।
मैच की शुरुआत से ही फ्रांस ने नॉर्वे पर दबाव बना दिया। सातवें मिनट में काइलियन एमबाप्पे के शानदार पास पर उस्मान डेम्बेले ने पहला गोल दागकर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद 20वें मिनट में उन्होंने तीन डिफेंडरों को छकाते हुए दूसरा गोल किया। नॉर्वे ने 21वें मिनट में थेलो आसगार्ड के जरिए एक गोल कर मुकाबले में वापसी की कोशिश की, लेकिन डेम्बेले ने 32वें मिनट में अपना तीसरा गोल दागकर पहले हाफ में ही हैट्रिक पूरी कर ली। विश्व कप इतिहास में पिछले 32 वर्षों में यह पहला मौका है जब किसी खिलाड़ी ने पहले हाफ में हैट्रिक बनाई है।
दूसरे हाफ में भी फ्रांस का दबदबा जारी रहा। इंजरी टाइम में डेज़िरे डोउ ने चौथा गोल कर फ्रांस की 4-1 की शानदार जीत सुनिश्चित कर दी। हालांकि इस मुकाबले में एमबाप्पे गोल नहीं कर सके, लेकिन उनकी रफ्तार और असिस्ट ने फ्रांस के आक्रमण को लगातार धारदार बनाए रखा।
इस जीत के साथ उस्मान डेम्बेले गोल्डन बूट की दौड़ में भी मजबूती से शामिल हो गए हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में अपने गोलों की संख्या बढ़ाते हुए व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम की सफलता में भी अहम योगदान दिया। मैच के बाद डेम्बेले ने कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण टीम की जीत और ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करना है। उन्होंने कहा कि अब पूरा फोकस नॉकआउट मुकाबलों पर रहेगा।
दूसरी ओर नॉर्वे ने इस मुकाबले में अपने कई प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया था। स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड भी शुरुआती एकादश का हिस्सा नहीं थे। नॉर्वे के कोच का कहना था कि लगातार मैचों के कारण खिलाड़ियों को आराम देना जरूरी था ताकि टीम अगले दौर में पूरी ताकत के साथ उतर सके। हालांकि इस फैसले का असर टीम के प्रदर्शन पर साफ दिखाई दिया और फ्रांस ने इसका पूरा फायदा उठाया।
फ्रांस ने ग्रुप चरण के तीन मुकाबलों में कुल 10 गोल दागकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं। टीम का आक्रमण और डिफेंस दोनों शानदार लय में नजर आ रहे हैं। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डेम्बेले और एमबाप्पे इसी तरह फॉर्म में रहे तो फ्रांस इस बार विश्व कप खिताब का सबसे मजबूत दावेदार साबित हो सकता है। अब सभी की नजर नॉकआउट दौर पर होगी, जहां फ्रांस अपनी शानदार लय को बरकरार रखने की कोशिश करेगा।


