प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और सतत विकास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Guardian of the Blue Horizon’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारत की वैश्विक पर्यावरण कूटनीति और समुद्री सहयोग के क्षेत्र में बढ़ती भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है। इस अवसर पर दोनों देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और साझा समृद्धि के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
सम्मान समारोह के दौरान सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों देशों के बीच दशकों पुराने मित्रतापूर्ण संबंधों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स के रिश्ते आपसी विश्वास, सहयोग और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास को नई दिशा दी है, जिसके लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मान स्वीकार करते हुए इसे अपने लिए ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन सभी देशों और लोगों को समर्पित है जो जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पृथ्वी की सुरक्षा और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की साझा जिम्मेदारी है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और सेशेल्स के ऐतिहासिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर सदियों से दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति और लोगों के आपसी संपर्क का माध्यम रहा है। उन्होंने कहा कि यह महासागर केवल समुद्री सीमा नहीं, बल्कि साझा विरासत और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक है। इसलिए इसकी सुरक्षा, स्वच्छता और समृद्धि सुनिश्चित करना सभी साझेदार देशों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने भारत के ‘महासागर विजन’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की नीति हमेशा सहयोग, समानता और आपसी सम्मान पर आधारित रही है। भारत छोटे और बड़े सभी देशों को समान महत्व देता है और साझेदारी को किसी देश के आकार से नहीं, बल्कि विश्वास और सहयोग से मापता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, हरित ऊर्जा को बढ़ावा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी, समुद्री संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे क्षेत्रों में भारत की पहल को दुनिया भर में सराहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सतत विकास केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री मोदी को किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था या देश द्वारा सम्मानित किया गया हो। इससे पहले भी उन्हें विभिन्न देशों और वैश्विक संगठनों की ओर से कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने भी उन्हें कृषि, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में योगदान के लिए एग्रीकोला मेडल से सम्मानित किया था।
प्रधानमंत्री मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा को भारत और सेशेल्स के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, जलवायु परिवर्तन, अक्षय ऊर्जा, व्यापार, निवेश और क्षमता निर्माण जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने हिंद महासागर क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
भारत और सेशेल्स इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान दोनों देशों के मजबूत और भरोसेमंद रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति और मजबूत होगी तथा पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में दोनों देशों का सहयोग भविष्य में और गहरा होगा।


