राजधानी दिल्ली में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन लोगों को गर्मी का एहसास इससे कहीं अधिक हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली का हीट इंडेक्स (Heat Index) 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक स्तर माना जा रहा है। यही वजह रही कि बाहर निकलने वाले लोगों को ऐसा महसूस हुआ जैसे तापमान 50 डिग्री से भी ऊपर पहुंच गया हो।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हीट इंडेक्स और वास्तविक तापमान दोनों अलग-अलग चीजें हैं। वास्तविक तापमान वह होता है जो थर्मामीटर मापता है, जबकि हीट इंडेक्स यह बताता है कि हवा में मौजूद नमी (Humidity) को मिलाकर इंसानी शरीर को तापमान कितना महसूस हो रहा है। जब हवा में नमी अधिक होती है तो शरीर से निकलने वाला पसीना आसानी से नहीं सूख पाता और शरीर खुद को प्राकृतिक रूप से ठंडा नहीं रख पाता। यही कारण है कि 41 डिग्री का तापमान भी 51 डिग्री जैसा महसूस होने लगता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दिल्ली में अरब सागर से आने वाली नम हवाओं के कारण आर्द्रता का स्तर लगातार बढ़ा हुआ है। इन हवाओं ने वातावरण में नमी बढ़ा दी है, जिससे उमस भी काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि दिन के साथ-साथ रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसून के दिल्ली के करीब पहुंचने के कारण नमी में लगातार इजाफा हो रहा है।
इस दौरान एक और शब्द चर्चा में है, जिसे वेट-बल्ब तापमान (Wet-Bulb Temperature) कहा जाता है। यह वह तापमान होता है, जो बताता है कि पसीने के जरिए शरीर खुद को कितनी प्रभावी तरीके से ठंडा रख सकता है। यदि वेट-बल्ब तापमान बहुत अधिक हो जाए तो इंसानी शरीर के लिए खुद को सामान्य तापमान पर बनाए रखना कठिन हो जाता है। शनिवार को दिल्ली में वेट-बल्ब तापमान करीब 29.77 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसे विशेषज्ञ चिंता का विषय मान रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जब हीट इंडेक्स 50 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है तो हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, अत्यधिक थकान और बेहोशी जैसी समस्याओं का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे मौसम में बिना जरूरत दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें। लंबे समय तक धूप में रहने से बचना भी बेहद जरूरी है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अगले एक-दो दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ बादल छाने, तेज हवाएं चलने और कई इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। यदि बारिश होती है तो तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बारिश शुरू होने से पहले उमस और अधिक बढ़ सकती है। मानसून आने से पहले अक्सर ऐसी स्थिति बनती है, जब हवा में नमी काफी बढ़ जाती है और गर्मी अधिक महसूस होती है। इसलिए लोगों को अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के कई हिस्सों में हीट इंडेक्स और वेट-बल्ब तापमान जैसी स्थितियां पहले की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। ऐसे में केवल थर्मामीटर पर दिखने वाले तापमान पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हीट इंडेक्स और मौसम विभाग द्वारा जारी स्वास्थ्य संबंधी सलाह का पालन करना भी उतना ही जरूरी है।
फिलहाल दिल्ली के लोगों की नजरें मानसून की पहली अच्छी बारिश पर टिकी हैं। यदि अगले कुछ दिनों में झमाझम बारिश होती है तो तापमान में गिरावट के साथ उमस से भी राहत मिलने की संभावना है। तब तक मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और अत्यधिक गर्मी के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील की है।


