उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीलीभीत में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने तुष्टिकरण की राजनीति, देश के विभाजन और नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने सपा पर तंज कसते हुए कहा कि जब उनकी “साइकिल” चलती है तो दंगे और अराजकता को बढ़ावा मिलता है, जबकि वर्तमान सरकार कानून का राज स्थापित करने और विकास को प्राथमिकता देने का काम कर रही है।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने देश के विभाजन का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन नेतृत्व दृढ़ निर्णय लेता तो देश का विभाजन टाला जा सकता था। उनके अनुसार विभाजन के दौरान लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और भारी जनहानि हुई।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन के बाद पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के शरणार्थियों को लंबे समय तक उचित सम्मान और अधिकार नहीं मिले। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के माध्यम से ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता खोला गया है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि जब CAA लागू किया गया था तब कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा कि आज जिन लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं, उनके अधिकारों का भी विपक्ष ने विरोध किया था।
जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, निवेश बढ़ा है और विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने जनता से विकास और सुशासन की नीतियों का समर्थन करने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज होने की संभावना है। विपक्ष की ओर से भी इन आरोपों पर प्रतिक्रिया आने की उम्मीद जताई जा रही है।


