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GST Collection में Uttar Pradesh नंबर-1, जून 2026 में 19% Growth के साथ सभी राज्यों को छोड़ा पीछे

देश की अर्थव्यवस्था के लिए जून 2026 से एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में पिछले 13 महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। जून 2026 में देश का सकल जीएसटी संग्रह 13.9 प्रतिशत बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। एक वर्ष पहले जून 2025 में यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपये था।

मई 2026 में जीएसटी संग्रह की वृद्धि दर केवल 3.2 प्रतिशत रही थी, लेकिन जून में इसमें उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत जीएसटी संग्रह देश में आर्थिक गतिविधियों और कर अनुपालन में सुधार का संकेत देता है।

आयात से मिला सबसे बड़ा योगदान

जून महीने में जीएसटी संग्रह बढ़ने का सबसे बड़ा कारण आयात पर वसूला गया कर रहा। आयात से मिलने वाला जीएसटी 34.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 60,038 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 44,600 करोड़ रुपये था।

वहीं, घरेलू कारोबार से प्राप्त सकल जीएसटी संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे स्पष्ट होता है कि इस बार कुल कर संग्रह में आयात का योगदान घरेलू व्यापार की तुलना में अधिक रहा।

टैक्स रिफंड में भी हुई बढ़ोतरी

सरकार ने जून 2026 के दौरान 32,436 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 29.1 प्रतिशत अधिक है। रिफंड के बाद शुद्ध जीएसटी संग्रह 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

पहली तिमाही रही मजबूत

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून के दौरान सकल जीएसटी संग्रह 8.4 प्रतिशत बढ़कर 6.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं शुद्ध जीएसटी संग्रह 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.40 लाख करोड़ रुपये रहा।

उत्तर प्रदेश बना सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला राज्य

राज्यों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया। जून 2026 में राज्य का जीएसटी संग्रह 19 प्रतिशत बढ़कर 9,165 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 7,675 करोड़ रुपये था।

इसके अलावा असम में 17 प्रतिशत, पंजाब में 14 प्रतिशत और गुजरात में 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

महाराष्ट्र, कर्नाटक और दिल्ली का भी अच्छा प्रदर्शन

देश में सबसे अधिक जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र का संग्रह 9 प्रतिशत बढ़कर 30,714 करोड़ रुपये रहा। वहीं कर्नाटक में 10 प्रतिशत और दिल्ली में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

इन राज्यों में आई गिरावट

जहां कई राज्यों ने बेहतर प्रदर्शन किया, वहीं कुछ राज्यों में जीएसटी संग्रह में कमी भी देखने को मिली। राजस्थान और मध्य प्रदेश में 5-5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। तमिलनाडु में संग्रह 2 प्रतिशत घटा, जबकि झारखंड में सबसे अधिक 16 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है GST Collection?

जीएसटी संग्रह को किसी भी देश की आर्थिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। मजबूत टैक्स कलेक्शन से सरकार की आय बढ़ती है, जिससे सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास परियोजनाओं पर अधिक निवेश संभव हो पाता है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जीएसटी संग्रह की यह मजबूत रफ्तार बरकरार रहती है या नहीं।

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