महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जांच के दौरान बिहार और पंजाब से तीन नए आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी लीक हुए प्रश्नपत्रों की बिक्री और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे। वहीं, इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है और उसकी तलाश लगातार जारी है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, पंजाब के पठानकोट से गिरफ्तार किया गया आरोपी कपिल दहिया हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस का आरोप है कि वह लीक हुए TET प्रश्नपत्र लेकर मुंबई पहुंचा था और उन्हें बेचने की साजिश में शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटा रही है।
दूसरे आरोपी मिथुन सिंह को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि वह भी कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा था और प्रश्नपत्र बेचने के उद्देश्य से पुणे पहुंचा था। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा पेपर लीक की पूरी साजिश किस तरह संचालित की गई।
पुलिस ने तीसरे आरोपी सोनू सिंह को बिहार के हाजीपुर से गिरफ्तार किया है। वह समस्तीपुर का निवासी बताया जा रहा है। जांच में आरोप है कि सोनू सिंह कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, उसकी दुकान का इस्तेमाल कथित तौर पर लीक प्रश्नपत्रों के प्रिंट निकालने और अन्य दस्तावेज तैयार करने के लिए किया जाता था।
इससे पहले मामले में हरियाणा निवासी धीरज को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया था। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस नेटवर्क के कई अहम लिंक सामने आए हैं। अब तक की कार्रवाई में कई राज्यों से आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क का कथित सरगना बिजेंद्र गुप्ता अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई राज्यों में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का मानना है कि बिजेंद्र की गिरफ्तारी के बाद पेपर लीक गिरोह के संचालन और इसके अन्य सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पुलिस पहले ही इस मामले में बिजेंद्र गुप्ता की पत्नी को गिरफ्तार कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों, दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है। जांच के दायरे में कई अन्य संदिग्ध भी हैं, जिनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामला राज्य की सबसे चर्चित परीक्षा घोटालों में शामिल हो चुका है। इस घटना ने भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा होने तक जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


