प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया यात्रा केवल द्विपक्षीय समझौतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उनके भाषणों और अनोखी उपमाओं ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं। इस दौरे के दौरान भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधनों में कई ऐसे उदाहरण दिए, जो चर्चा का विषय बन गए।
1. “भारतीय दूध में चीनी की तरह हैं”
मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में रहने वाले भारतीय वहां के समाज में उसी तरह घुल-मिल जाते हैं जैसे दूध में चीनी। उन्होंने कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, अपने साथ प्रेम, विश्वास और सकारात्मकता लेकर जाते हैं। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि घर का दूध भले ऑस्ट्रेलिया का हो, लेकिन चाय भारतीय स्वाद से ही बनती है।
2. “एक और एक ग्यारह”
भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय वार्ता के दौरान ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने दोनों देशों की साझेदारी को “एक प्लस एक बराबर दो” बताया। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने हिंदी के लोकप्रिय मुहावरे का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी में “एक और एक दो नहीं, बल्कि ग्यारह होते हैं।”
इस बयान को दोनों देशों के मजबूत सहयोग और साझा क्षमता का प्रतीक माना गया।
3. “भारत मदद करते समय पासपोर्ट नहीं देखता”
मानवीय सहायता और आपदा राहत के विषय पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जब किसी देश की मदद करता है, तो वह किसी का पासपोर्ट या राष्ट्रीयता नहीं देखता। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता मानवता है और यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर भारत पर विश्वास लगातार बढ़ रहा है।
4. रक्षा क्षेत्र और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की रक्षा क्षमताओं पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का रक्षा क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है और दुनिया उसकी क्षमता तथा विश्वसनीयता को देख रही है। अपने संबोधन में उन्होंने हालिया सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारत की रक्षा तैयारियों और क्षमता का प्रदर्शन हुआ।
5. क्रिकेट से समझाई भारत-ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी
मेलबर्न को खेलों की राजधानी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की तुलना क्रिकेट से की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की बैठकें क्रिकेट के विभिन्न प्रारूपों जैसी हैं—एजेंडा वनडे की तरह स्पष्ट होता है, फैसले टी-20 की तरह तेज़ होते हैं और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी और मजबूत होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि क्रिकेट दोनों देशों के बीच एक साझा सांस्कृतिक भाषा बन चुका है।
भारत की तकनीकी प्रगति का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की डिजिटल प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5G बाजार बन चुका है और अब ‘मेड इन इंडिया’ 6G तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा कई महत्वपूर्ण समझौतों के साथ-साथ उनके प्रभावशाली और सरल संदेशों के लिए भी याद की जा रही है। “दूध में चीनी”, “एक और एक ग्यारह” और क्रिकेट जैसी उपमाओं के माध्यम से उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को सहज भाषा में समझाने का प्रयास किया। इन बयानों ने प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक चर्चा हासिल की।


