प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्यूजीलैंड दौरे से ठीक पहले दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला बड़ा कदम सामने आया है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने घोषणा की है कि भारत के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के तहत न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात पर पहले दिन से शून्य टैरिफ (Zero Tariff) लागू किया जाएगा। इस घोषणा को दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
क्या है बड़ा ऐलान?
प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने कहा कि भारत के साथ यह व्यापार समझौता न्यूजीलैंड के कारोबार के लिए नए अवसर लेकर आएगा। समझौते के लागू होते ही न्यूजीलैंड के 57 प्रतिशत निर्यात को भारतीय बाजार में बिना आयात शुल्क के प्रवेश मिलेगा। भविष्य में इस दायरे को और बढ़ाने की भी योजना है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार को नई गति मिलेगी।
PM Modi की यात्रा पर दुनिया की नजर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता होगी। दोनों नेता व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, शिक्षा, कृषि और क्षेत्रीय साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, प्रमुख हस्तियों और भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे।
दोनों देशों को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए लाभदायक साबित हो सकता है। न्यूजीलैंड के उत्पादों को भारत के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी, वहीं भारतीय उद्योगों और निर्यातकों के लिए भी न्यूजीलैंड में नए अवसर खुल सकते हैं।
इस समझौते से कृषि, डेयरी, खाद्य उत्पाद, शिक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना है।
भारत क्यों है अहम साझेदार?
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। बढ़ती आबादी, विशाल उपभोक्ता बाजार और तेज आर्थिक विकास के कारण दुनिया के कई देश भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंध मजबूत करना चाहते हैं।
न्यूजीलैंड भी भारत को एक महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
व्यापार के साथ रणनीतिक सहयोग भी बढ़ेगा
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान व्यापार के अलावा रक्षा, शिक्षा, विज्ञान, नवाचार, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इससे दोनों देशों के संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के समझौते केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहते, बल्कि लंबे समय में रणनीतिक साझेदारी को भी नई दिशा देते हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा से पहले आया यह बड़ा ऐलान भारत और न्यूजीलैंड के मजबूत होते संबंधों का संकेत है। 57 प्रतिशत निर्यात पर पहले दिन से टैरिफ हटाने का फैसला दोनों देशों के व्यापार को नई रफ्तार दे सकता है। अब सभी की नजर दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक और वहां होने वाले संभावित समझौतों पर बनी हुई है।


