भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक उत्सवों में से एक मानी जाती है। ओडिशा के पुरी में निकलने वाली इस भव्य यात्रा में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। यदि इस वर्ष आप पुरी नहीं जा पा रहे हैं, तो चिंता की बात नहीं है। दिल्ली-एनसीआर में भी कई ऐसे प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर हैं, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों और भव्य आयोजन के साथ रथ यात्रा निकाली जाती है।
रथ यात्रा 2026 कब है?
वर्ष 2026 में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई को मनाई जाएगी। यह यात्रा आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर शुरू होती है, जब भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों पर विराजमान होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान करते हैं। इसके बाद बहुड़ा यात्रा (वापसी यात्रा) के साथ यह उत्सव संपन्न होता है।
1. जगन्नाथ मंदिर, हौज खास (नई दिल्ली)
दिल्ली के हौज खास स्थित जगन्नाथ मंदिर रथ यात्रा के दौरान विशेष रूप से सजाया जाता है। यहां भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। निकटतम मेट्रो स्टेशन हौज खास है, जहां से मंदिर कुछ ही मिनट की दूरी पर स्थित है।
2. श्री जगन्नाथ मंदिर, त्यागराज नगर
दक्षिण दिल्ली के त्यागराज नगर स्थित यह मंदिर राजधानी के सबसे पुराने जगन्नाथ मंदिरों में गिना जाता है। रथ यात्रा के अवसर पर यहां विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और शोभायात्रा का आयोजन होता है। निकटतम मेट्रो स्टेशन INA है।
3. श्री जगन्नाथ मंदिर, सेक्टर-34, नोएडा
नोएडा के सेक्टर-34 स्थित यह मंदिर स्थानीय श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है। रथ यात्रा के दिन यहां विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। नोएडा सेक्टर-34 मेट्रो स्टेशन से मंदिर लगभग 500 मीटर की दूरी पर है।
4. जगन्नाथ मंदिर, गुरुग्राम
गुरुग्राम के सेक्टर-15 पार्ट-2 स्थित जगन्नाथ मंदिर में भी हर वर्ष रथ यात्रा धूमधाम से निकाली जाती है। यहां पहुंचने के लिए IFFCO Chowk या Millennium City Centre Gurugram मेट्रो स्टेशन सबसे सुविधाजनक हैं।
5. जगन्नाथ मंदिर, द्वारका
नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-7 में स्थित जगन्नाथ मंदिर भी रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से गुलजार रहता है। यहां पहुंचने के लिए द्वारका सेक्टर-9 या द्वारका सेक्टर-10 मेट्रो स्टेशन से ऑटो या ई-रिक्शा लिया जा सकता है।
अगर इस बार पुरी जाना संभव नहीं है, तो दिल्ली-एनसीआर के ये जगन्नाथ मंदिर आपको उसी श्रद्धा, भक्ति और उत्सव का अनुभव करा सकते हैं। परिवार के साथ यहां पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन करें और रथ यात्रा के पावन अवसर का पुण्य लाभ प्राप्त करें।


