फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे ने एक बार फिर विश्व फुटबॉल में अपना दबदबा साबित करते हुए नया इतिहास रच दिया। एम्बाप्पे लगातार दूसरी बार फीफा पुरुष विश्व कप का गोल्डन बूट जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। पूरे टूर्नामेंट में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।
फाइनल में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी गोल करने में सफल नहीं रहे, जिसके चलते एम्बाप्पे 10 गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने रहे। इससे पहले तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने दो शानदार गोल दागे थे। हालांकि फ्रांस को 6-4 से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन एम्बाप्पे का व्यक्तिगत प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में चर्चा का विषय बना रहा।
एम्बाप्पे ने टूर्नामेंट की शुरुआत से ही शानदार फॉर्म दिखाई। उन्होंने सेनेगल के खिलाफ पहले मैच में दो गोल किए, इसके बाद इराक के खिलाफ भी दो बार गेंद को जाल में पहुंचाया। स्वीडन के खिलाफ नॉकआउट मुकाबले में भी उन्होंने दो गोल किए, जबकि पराग्वे और मोरक्को के खिलाफ भी अहम गोल कर फ्रांस को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गोल्डन बूट की दौड़ इस बार काफी रोमांचक रही। अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी आठ गोल के साथ दूसरे स्थान पर रहे। नॉर्वे के एरलिंग हालांड और इंग्लैंड के जूड बेलिंगहम ने सात-सात गोल किए, जबकि इंग्लैंड के हैरी केन और फ्रांस के उस्मान डेम्बेले ने छह-छह गोल के साथ टूर्नामेंट का समापन किया।
हालांकि सेमीफाइनल में स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से हराकर उसके फाइनल में पहुंचने का सपना तोड़ दिया। इसके बाद फ्रांस तीसरे स्थान के मुकाबले में इंग्लैंड से हार गया, लेकिन एम्बाप्पे का प्रदर्शन उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल करने के लिए काफी रहा।
दूसरी ओर स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को अतिरिक्त समय में 1-0 से हराकर दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब अपने नाम किया। स्पेन की ओर से फेरान टोरेस ने निर्णायक गोल कर टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
स्पेन के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत पुरस्कारों में भी शानदार प्रदर्शन किया। मिडफील्डर रोड्री को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। युवा डिफेंडर पाउ कुबार्सी को सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी का पुरस्कार मिला, जबकि गोलकीपर उनाई सिमोन ने पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्डन ग्लव अपने नाम किया।
स्पेन की इस ऐतिहासिक जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मजबूत टीमवर्क और संतुलित प्रदर्शन किसी भी बड़े टूर्नामेंट में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। वहीं किलियन एम्बाप्पे ने लगातार दूसरी बार गोल्डन बूट जीतकर आधुनिक फुटबॉल के सबसे बेहतरीन स्ट्राइकरों में अपनी जगह और मजबूत कर ली है।


