मानसून का मौसम अपने साथ ठंडक और राहत तो लाता है, लेकिन इस दौरान त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। बढ़ी हुई नमी, पसीना, धूल और बैक्टीरिया की वजह से चेहरे पर ऑयल, पिंपल्स, रैशेज और इरिटेशन जैसी परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में कई लोग त्वचा को ठंडक और ताजगी देने के लिए चेहरे पर आइस क्यूब यानी बर्फ लगाने का तरीका अपनाते हैं।
लेकिन क्या बरसात के मौसम में चेहरे पर सीधे बर्फ लगाना सही है? आइए जानते हैं कि त्वचा विशेषज्ञ इस बारे में क्या सलाह देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बर्फ त्वचा को कुछ समय के लिए ठंडक जरूर देती है। इससे त्वचा की सतह के नीचे मौजूद रक्त वाहिकाएं यानी ब्लड वेसल्स अस्थायी रूप से सिकुड़ जाती हैं। इसकी वजह से चेहरे की सूजन, पफीनेस, हल्की लालिमा और खुले पोर्स कुछ समय के लिए कम दिखाई दे सकते हैं।
हालांकि, यह प्रभाव केवल थोड़ी देर के लिए होता है। इसका मतलब यह नहीं कि बर्फ त्वचा की समस्याओं का स्थायी इलाज है।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि चेहरे पर सीधे आइस क्यूब रगड़ना सही तरीका नहीं है। बहुत ठंडी बर्फ त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकती है। इससे स्किन में जलन, लालपन, संवेदनशीलता और कुछ मामलों में आइस बर्न जैसी समस्या भी हो सकती है।
खासतौर पर जिन लोगों की त्वचा पहले से संवेदनशील है या जिन्हें रोज़ेशिया, एक्जिमा या अत्यधिक ड्राई स्किन जैसी समस्या है, उन्हें सीधे बर्फ लगाने से बचना चाहिए।
तो फिर बर्फ का इस्तेमाल सही तरीके से कैसे करें?
विशेषज्ञ दो सुरक्षित तरीके बताते हैं।
पहला तरीका यह है कि आइस क्यूब को किसी साफ और मुलायम कॉटन के कपड़े में लपेट लें। इसके बाद हल्के हाथों से कुछ सेकंड तक चेहरे पर धीरे-धीरे मसाज करें। इससे ठंडक भी मिलेगी और त्वचा पर सीधे बर्फ का प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।
दूसरा तरीका है आइस वॉटर फेस डिप। इसके लिए एक बड़े बर्तन में ठंडा पानी और कुछ बर्फ के टुकड़े डालें। फिर कुछ सेकंड के लिए चेहरे को उस पानी में डुबोएं। इससे पूरे चेहरे पर समान रूप से ठंडक मिलती है और त्वचा पर बर्फ के सीधे संपर्क से होने वाला नुकसान भी कम हो सकता है।
हालांकि, यह भी ध्यान रखें कि बहुत अधिक देर तक चेहरे को बर्फ वाले पानी में न रखें। यदि किसी प्रकार की जलन, दर्द या असहजता महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
मानसून में अच्छी त्वचा के लिए केवल बर्फ पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। दिन में दो बार हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें, नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें, पर्याप्त पानी पिएं और बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें। बरसात के मौसम में भी सूरज की पराबैंगनी किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
इसके अलावा यदि आपकी त्वचा पर लगातार मुंहासे, एलर्जी या किसी प्रकार की गंभीर समस्या बनी रहती है, तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
याद रखें, हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है। जो तरीका किसी एक व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो, जरूरी नहीं कि वही दूसरे के लिए भी सुरक्षित हो। इसलिए किसी भी नए स्किनकेयर उपाय को अपनाने से पहले अपनी त्वचा की जरूरत और संवेदनशीलता को समझना बेहद जरूरी है।


