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मानसिक स्वास्थ्य सुधारने का आसान तरीका! Denmark की तरह रोज़ कुछ मिनट प्रकृति के बीच बिताएं, तनाव होगा कम

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए प्रकृति के बीच कुछ समय बिताना एक सरल और प्रभावी तरीका हो सकता है। हाल ही में सामने आए शोधों के अनुसार, रोज़ाना घर या दफ्तर के पास मौजूद किसी पार्क या हरित क्षेत्र में कुछ मिनट बिताने से मन को शांति मिल सकती है और तनाव कम करने में मदद मिल सकती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ रिचमंड के शोधकर्ता टॉड लुकिंगबिल के अनुसार, प्रकृति का लाभ लेने के लिए लंबी छुट्टियों या पहाड़ों की यात्रा करना जरूरी नहीं है। यदि लोग अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में आसपास के पार्क, बगीचे या हरियाली वाले स्थानों को शामिल करें, तो इससे मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

शोध में डेनमार्क का उदाहरण भी सामने आया है, जिसे दुनिया के सबसे खुशहाल देशों में गिना जाता है। वहां लोग पार्क और खुले हरित क्षेत्रों को केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा मानते हैं। लोग दोपहर का भोजन पार्क में करते हैं, काम के बाद टहलते हैं या कुछ मिनट शांत वातावरण में बैठकर समय बिताते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से प्रकृति के संपर्क में रहने से तनाव कम करने, मन को शांत रखने और मानसिक ताजगी महसूस करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह किसी मानसिक बीमारी का इलाज नहीं है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अवसाद, चिंता या अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा है, तो उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

अमेरिका में Healthy Parks Healthy People और ParkRx जैसी पहलें भी लोगों को पार्कों और हरित क्षेत्रों में अधिक समय बिताने के लिए प्रेरित करती हैं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को प्रकृति से जोड़कर उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करना है।

कोविड-19 महामारी के दौरान किए गए कुछ अध्ययनों में भी पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से अपने आसपास के पार्कों में जाते थे, उनमें सामाजिक जुड़ाव बेहतर था और वे मानसिक रूप से अधिक संतुलित महसूस कर रहे थे। वहीं एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि केवल 10 मिनट तक पार्क में बैठकर प्राकृतिक वातावरण का अनुभव करने से भी लोगों ने खुद को पहले की तुलना में अधिक तरोताजा महसूस किया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आपके पास अधिक समय नहीं है, तब भी आप छोटे-छोटे बदलाव कर सकते हैं। जैसे दोपहर का भोजन खुले वातावरण में करना, सुबह या शाम 10–15 मिनट पार्क में टहलना, पेड़ों की छांव में बैठना या कुछ देर मोबाइल और लैपटॉप से दूर रहकर प्रकृति को महसूस करना। ऐसे छोटे कदम भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि प्रकृति के बीच समय बिताना स्वस्थ जीवनशैली का एक हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह चिकित्सा उपचार का विकल्प नहीं है। यदि तनाव या मानसिक परेशानी लगातार बनी रहती है, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना सबसे उचित कदम होगा।

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