स्थानीय शेयर बाजार में सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी देखने को मिली। वैश्विक तनाव में कमी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी के दम पर बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 544.39 अंक (0.70%) की बढ़त के साथ 78,639.03 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 78,895.10 अंक तक पहुंच गया था। वहीं, एनएसई निफ्टी 390.70 अंक (1.60%) चढ़कर 24,774.30 अंक पर बंद हुआ।
बाजार में तेजी की प्रमुख वजहों में वैश्विक स्तर पर तनाव में कमी और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में गिरावट शामिल रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 4.62 प्रतिशत टूटकर 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे ऊर्जा लागत और महंगाई को लेकर निवेशकों की चिंताएं कम हुईं।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इन्फोसिस, आईटीसी, एक्सिस बैंक और इटर्नल के शेयर प्रमुख बढ़त के साथ बंद हुए। दूसरी ओर सन फार्मा, भारती एयरटेल, मारुति और टाटा स्टील के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी ने भी बाजार की धारणा को मजबूती दी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को एफआईआई ने 277.48 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। लगातार चार महीने की बिकवाली के बाद जुलाई में विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में फिर से शुद्ध खरीदार बने और उन्होंने करीब 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार को राहत दी है। इससे महंगाई और कंपनियों की आय को लेकर चिंता कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि विदेशी निवेश और रुपये की मजबूती से बाजार को समर्थन मिला, हालांकि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड अभी भी उभरते बाजारों के लिए एक जोखिम बनी हुई है।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहा। वहीं, यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार के दौरान सकारात्मक रुख देखने को मिला।


