बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में हिस्सा लेने के बाद अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) सागर लिंबू के पैतृक गांव का दौरा किया। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। यहां पहुंचकर रणदीप हुड्डा ने इलाके की प्राकृतिक सुंदरता की जमकर तारीफ करते हुए इसे “धरती पर स्वर्ग” बताया।
बाढ़ राहत के बाद गांव पहुंचने का लिया फैसला
रणदीप हुड्डा ने बताया कि वे असम में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आए थे। इसी दौरान उनके सहयोगी सागर लिंबू ने उन्हें अपने गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का निर्णय लिया।
नागालैंड बॉर्डर की खूबसूरती ने जीता दिल
दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में रणदीप ने कहा कि उन्होंने पिछली रात नागालैंड के लुकुटो गांव में बिताई थी। इसके बाद जब वे सागर लिंबू के गांव पहुंचे तो वहां का प्राकृतिक वातावरण, हरियाली और लोगों का अपनापन देखकर बेहद प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा, “यह जगह सच में धरती पर स्वर्ग जैसी लगती है।”
लोगों की मेहमाननवाजी की तारीफ
रणदीप हुड्डा ने स्थानीय लोगों को खुशमिजाज, मिलनसार और बेहद मेहमाननवाज बताया। उन्होंने कहा कि गांव में उन्हें जिस आत्मीयता से स्वागत मिला, उससे वे बेहद खुश हैं।
मजाकिया अंदाज में उन्होंने कहा कि लोग उन्हें अब “नॉर्थ-ईस्ट का दामाद” कहकर बुला रहे हैं, जिसे सुनकर उन्हें भी काफी अच्छा लगा।
खिलाड़ियों के गांव से हुए प्रभावित
दौरे के दौरान रणदीप को बताया गया कि इस क्षेत्र का संबंध कई प्रसिद्ध खिलाड़ियों से भी है। इनमें ओलंपिक पदक विजेता मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया का नाम शामिल है।
यह जानकर रणदीप ने कहा कि यह इलाका उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहां लगभग हर गांव खेल प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि यहां भी खेलों के प्रति वैसा ही जुनून दिखाई देता है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में किया राहत कार्य
गांव पहुंचने से पहले रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित जिलों, विशेषकर शिवसागर सहित अन्य इलाकों का दौरा किया। वहां उन्होंने मानवीय संस्था Global Sikh के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया।
इस दौरान उन्होंने—
बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात की।
राहत सामग्री वितरित की।
स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स) का हौसला बढ़ाया।
प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं।
कई जिले अब भी बाढ़ की चपेट में
असम के शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगांव सहित कई जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत और पुनर्वास का कार्य लगातार जारी है।
निष्कर्ष
रणदीप हुड्डा का यह दौरा केवल एक फिल्म अभिनेता की यात्रा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और अपने सहयोगियों के प्रति सम्मान का उदाहरण भी है। बाढ़ राहत कार्य के बाद अपने हेल्पर के गांव पहुंचकर उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया और उत्तर-पूर्व भारत की प्राकृतिक सुंदरता तथा संस्कृति की खुलकर सराहना की।


