यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों ने एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। सऊदी अरब की सेना के अनुसार, यमन सीमा से सटे दक्षिणी नजरान (Najran) क्षेत्र में हुए सिलसिलेवार हमलों में चार वर्षीय बच्चे सहित 11 आम नागरिक घायल हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरा गई है। सऊदी सेना ने कहा कि हमलों में नागरिक इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है और घायलों का इलाज जारी है।
सऊदी अरब के सैन्य प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने बताया कि घायलों में सात सऊदी नागरिक, यमन का एक नागरिक, मिस्र के दो प्रवासी और पाकिस्तान का एक प्रवासी शामिल हैं। घायल सऊदी नागरिकों में एक चार वर्षीय बच्चा भी है। अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
इससे कुछ घंटे पहले हूती विद्रोहियों ने मध्य और पूर्वी यमन में किए गए सिलसिलेवार हमलों की जिम्मेदारी ली थी। यमन के अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के सुरक्षा बलों के ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 30 सैनिकों की मौत और 50 से अधिक अन्य के घायल होने की सूचना है। हमले मारिब और हद्रामौत प्रांतों में स्थित सैन्य शिविरों पर किए गए थे।
हूती संगठन के एक नेता ने दावा किया कि इन अभियानों का लक्ष्य सऊदी समर्थित सुरक्षा बल थे और हमलों में बड़ी संख्या में सैनिक हताहत हुए। हालांकि, सऊदी अरब के नजरान क्षेत्र में नागरिकों पर हुए हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया घटनाएं यमन संघर्ष के फिर से तेज होने का संकेत हो सकती हैं। कई वर्षों से चल रहे इस संघर्ष का असर केवल यमन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और स्थिरता पर पड़ता रहा है। सीमा पार होने वाले ऐसे हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं।
सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियां फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जता रहा है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील कर रहा है।


