स्मार्टफोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। सुबह उठने से लेकर रात में सोने तक फोन हमारे साथ रहता है। कॉल, मैसेज, सोशल मीडिया, ऑनलाइन पेमेंट और मनोरंजन से लेकर काम तक, लगभग हर जरूरी काम के लिए स्मार्टफोन पर निर्भरता बढ़ गई है। ऐसे में फोन की बैटरी खत्म न हो, इसके लिए ज्यादातर लोग दिन में एक या दो बार फोन चार्ज करते हैं। लेकिन चार्जिंग के दौरान की गई कुछ छोटी-छोटी गलतियां बैटरी की सेहत और फोन की सुरक्षा दोनों के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं।
सबसे पहली गलती है फोन को चार्ज करते समय खराब या नकली चार्जर का इस्तेमाल करना। सस्ता चार्जर भले ही देखने में सामान्य लगे, लेकिन उसकी क्वालिटी और सुरक्षा मानकों की कोई गारंटी नहीं होती। ऐसे चार्जर से फोन की बैटरी, चार्जिंग पोर्ट या दूसरे इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए कोशिश करें कि कंपनी का ओरिजिनल या भरोसेमंद और प्रमाणित चार्जर ही इस्तेमाल किया जाए।
दूसरी गलती है खराब या कटे-फटे चार्जिंग केबल का इस्तेमाल करते रहना। अगर केबल का बाहरी हिस्सा टूट गया है, तार दिखाई दे रहा है या कनेक्टर ढीला हो गया है तो उसे बदल देना बेहतर है। क्षतिग्रस्त केबल से चार्जिंग के दौरान गर्मी बढ़ सकती है और शॉर्ट सर्किट का जोखिम भी पैदा हो सकता है।
तीसरी गलती फोन को चार्जिंग के दौरान ऐसी जगह रखना है जहां गर्मी बाहर न निकल सके। कई लोग फोन को तकिए, कंबल या गद्दे के नीचे रखकर चार्ज करते हैं। यह आदत खतरनाक हो सकती है क्योंकि चार्जिंग के दौरान फोन थोड़ा गर्म होता है और उसे हवा मिलने की जरूरत होती है। इसलिए फोन को चार्ज करते समय किसी समतल और खुले स्थान पर रखना बेहतर है।
चौथी गलती है फोन को चार्जिंग के दौरान लगातार भारी गेम खेलना या बहुत ज्यादा प्रोसेसिंग वाला काम करना। इससे फोन का प्रोसेसर और बैटरी दोनों गर्म हो सकते हैं। खासकर अगर फोन पहले से गर्म है तो चार्जिंग के साथ भारी इस्तेमाल करने से तापमान और बढ़ सकता है।
पांचवीं गलती फोन को हमेशा पूरी तरह खत्म होने के बाद ही चार्ज करना है। आधुनिक स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरी इस्तेमाल होती है, जिन्हें बार-बार बिल्कुल शून्य प्रतिशत तक पहुंचाना जरूरी नहीं है। सामान्य इस्तेमाल में बैटरी को जरूरत के हिसाब से चार्ज करना बेहतर रहता है।
छठी गलती बहुत ज्यादा गर्म या बहुत ठंडे वातावरण में फोन को चार्ज करना है। अत्यधिक तापमान बैटरी की क्षमता और उसकी लंबी अवधि की सेहत पर असर डाल सकता है। अगर फोन असामान्य रूप से गर्म हो रहा है तो उसे कुछ देर ठंडा होने देना और उसके बाद चार्ज करना बेहतर है।
सातवीं गलती चार्जिंग पोर्ट में धूल या गंदगी होने के बावजूद बार-बार चार्जर लगाने की कोशिश करना है। पोर्ट में गंदगी होने से कनेक्शन ठीक से नहीं बन सकता और चार्जिंग में समस्या आ सकती है। पोर्ट की सफाई करते समय नुकीली धातु की वस्तु इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे पोर्ट के अंदर के हिस्से खराब हो सकते हैं।
आठवीं गलती फोन को चार्जिंग पर लगाकर लंबे समय तक तेज गर्मी में छोड़ देना है। हालांकि आधुनिक स्मार्टफोन चार्जिंग को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा प्रणालियों का इस्तेमाल करते हैं और रातभर चार्ज करने से सामान्य परिस्थितियों में फोन की बैटरी तुरंत खराब या आग लगना जरूरी नहीं है, फिर भी लगातार गर्म वातावरण में चार्जिंग करना बैटरी की उम्र पर असर डाल सकता है।
नौवीं गलती चार्जिंग के दौरान फोन या चार्जर से असामान्य गंध, धुआं, बहुत ज्यादा गर्मी या बैटरी फूलने जैसे संकेतों को नजरअंदाज करना है। अगर फोन चार्ज करते समय असामान्य रूप से गर्म हो रहा है या बैटरी फूलती हुई दिखाई दे रही है तो चार्जिंग तुरंत रोककर विशेषज्ञ या अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच करानी चाहिए।
दसवीं और सबसे जरूरी गलती है चार्जिंग के मामले में केवल इंटरनेट पर मौजूद किसी भी टिप या मिथक पर आंख बंद करके भरोसा करना। हर फोन की बैटरी और चार्जिंग तकनीक अलग हो सकती है। इसलिए फोन के साथ मिलने वाले आधिकारिक निर्देशों को देखना और निर्माता द्वारा सुझाए गए चार्जर व एक्सेसरीज का इस्तेमाल करना सबसे सुरक्षित तरीका है।
कुल मिलाकर, फोन को चार्ज करना कोई मुश्किल काम नहीं है, लेकिन कुछ सावधानियां बैटरी की उम्र बढ़ाने और फोन को सुरक्षित रखने में मदद कर सकती हैं। अच्छी क्वालिटी का चार्जर इस्तेमाल करें, फोन को अत्यधिक गर्म होने से बचाएं और चार्जिंग के दौरान किसी भी असामान्य संकेत को नजरअंदाज न करें। इससे न सिर्फ बैटरी बेहतर स्थिति में रह सकती है, बल्कि फोन के लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल की संभावना भी बढ़ती है।


